गौरेला पेंड्रा मरवाही / राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उल्लास महा चौपाल का आयोजन जिले के स्कूलों किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उल्लास का मूल मंत्र जन-जन साक्षर और कर्तव्य बोध है। इसका मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होने स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं किया हैं। इस वर्ष 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आजादी के जश्न को साक्षरता के उल्लास के रूप में मनाया गया । स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त को ग्राम प्रभारी/ शिक्षक के नेतृत्व में समुदाय,गांव के युवक-युवती,पुरूष,महिलाएं एवं बुजुर्गो को जोड़ते हुये उल्लास साक्षरता रैली, मोबाइल टार्च रैली,उल्लास मशाल रैली, का आयोजन कर नव साक्षरों को महा चौपाल में सम्मिलित होने हेतु प्रेरित किया गया । 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात् प्रभात फेरी के माध्यम से साक्षरता का प्रचार कर, सामूहिक उल्लास शपथ, शिक्षार्थियों के अनुभव कहानियों का प्रदर्शन ,मातृत्वसाक्षरता, अंगूठे से कलम तक सम्मान अंतर्गत शिक्षार्थियों द्वारा हस्ताक्षर कार्यक्रम,डिजिटल साक्षरता से संबंधित जानकारी और सेल्फी पाइंट के माध्यम से साक्षरता कार्यक्रम को आकर्षक बनायागया ।साक्षरता रंगोली और नुक्कड़ नाटक,उल्लास की घंटी,शिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण, किया गया जो ग्रामवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा.
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