छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिलदहा में पदस्थ प्रधानपाठक शिव कुमार छत्रवाणी ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त किए हैं। वर्ष 2025 में उन्हें प्रतिष्ठित राज्यपाल शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया है।
प्रधानपाठक शिव कुमार छत्रवाणी की उपलब्धियाँ उनके दीर्घकालीन समर्पण और नवाचारों का परिणाम हैं। उन्हें वर्ष 2001 में रतनपुर नगर स्तरीय सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान, 2005 में विकासखंड स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान तथा 2006 में जिला स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2022 में विधायक कोटा द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, ‘पढ़ाई तुहर द्वार 2.0’ में उत्कृष्ट कार्य हेतु कलेक्टर सम्मान तथा मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण सम्मान से नवाज़ा गया।
वर्ष 2024 में उन्हें अखिल भारतीय सूर्यांश शिक्षा समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा उत्कृष्ट प्रतिभा सम्मान, लोक कला रहस रासलीला छत्तीसगढ़ राज्य गौरव रत्न, शिक्षा सागर फाउंडेशन गुजरात राज्य का हेमभद्राचार्य राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान तथा गौ रक्षा शक्तिधाम सेवार्थ फाउंडेशन, इंदौर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त हुआ।
साथ ही, श्री सुन्दर सदन परिवार, चकरभाठा बिलासपुर द्वारा शिक्षक सम्मान 2024-25 से भी सम्मानित किया गया।
प्रधानपाठक शिव कुमार छत्रवाणी ने विद्यालय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2005 में विद्यालय परिसर में हैंडपम्प स्थापना, 80 मीटर बाउंड्री वॉल निर्माण, चलित नल जल टंकी की व्यवस्था तथा सांस्कृतिक मंच और चबूतरे का निर्माण कराया। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल पुरस्कार की राशि से भी विद्यालय में सांस्कृतिक मंच का निर्माण कराया गया।
उन्होंने पूर्व व्यावसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत झाड़ू, सूपा, टोकरी और दोना-पत्तल निर्माण जैसे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। वर्ष 2021 से अब तक वे प्रतिवर्ष अपने व्यक्तिगत व्यय से सभी छात्र-छात्राओं को जूते, मोज़े, टाई, बेल्ट और आई-कार्ड उपलब्ध करा रहे हैं।
सामाजिक सरोकारों में भी उनकी भूमिका सराहनीय रही है। गाँव में नशामुक्ति अभियान चलाकर लगभग 80 प्रतिशत तक सफलता प्राप्त की गई है। ‘घर-घर पढ़ाई कोना’ एवं पालक संपर्क अभियान के माध्यम से शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाया जा रहा है।
साथ ही, प्रसार भारती के अंतर्गत आकाशवाणी बिलासपुर से समय-समय पर बच्चों के कार्यक्रमों का प्रसारण भी किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को मंच और प्रोत्साहन मिल रहा है।
इतना ही नहीं, अब तक पाँच बच्चों को विभिन्न दुर्घटनाओं से सुरक्षित बचाने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
प्रधानपाठक शिव कुमार छत्रवाणी का यह समर्पण न केवल शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा है, बल्कि समाज के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है।
