चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध लगातार खुद को बदलता और बनाता रहता है। जो कॉन्सेप्ट भविष्य के लगते हैं, वे लागू होने से पहले ही पुराने भी हो सकते हैं।
यह एक ऐसा रिस्क है जो सेना को उठाना पड़ता है। इसलिए फ्यूचर वॉरफेयर के मुताबिक अंदाजा लगाना, तैयारी करना हमारे अस्तित्व से जुड़ जाता है। इसका दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है।
CDS चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली के सैम मॉनेकशॉ सेंटर में चल रहे चाणक्य डिफेंस डायलॉग में ये बातें कहीं। वे फ्यूचर वॉर्स: मिलिट्री पावर के जरिए स्ट्रेटेजिक पोस्चरिंग विषय पर बोल रहे थे।
इससे पहले प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू चाणक्य डिफेंस डायलॉग के इनॉगरल सेशन में शामिल हुईं। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कीनोट एड्रेस दिया। डायलॉग 2025 की थीम है- रिफॉर्म टू ट्रांसफॉर्म: सशक्त और सुरक्षित भारत"।

