नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज, 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। यह 19 दिनों का सत्र कुल 15 बैठकें आयोजित करेगा। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से करीब 10 मिनट बात की और सत्र की रूपरेखा और अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए।
पीएम मोदी ने कहा – ‘डेमोक्रेसी कैन डिलीवर’
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र समय पर परिणाम दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सत्र विकसित भारत के प्रयास में ऊर्जा भरने का अवसर है। उनका मानना है कि विपक्ष को पराजय की निराशा से बाहर निकलकर मजबूत मुद्दे उठाने चाहिए।
पीएम ने स्पष्ट किया कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं होना चाहिए। उन्होंने नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव लेने का अवसर दिए जाने पर जोर दिया। उनका कहना था, "यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। राष्ट्रनीति पर चर्चा होनी चाहिए।"
सत्र के पहले दिन हंगामे की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार सत्र के पहले दिन ही हंगामे की संभावना है। विपक्षी दल SIR, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार चाहती है कि सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो।
नए बिल पेश होने की संभावना
इस सत्र में एटॉमिक एनर्जी बिल समेत लगभग 10 नए बिल पेश किए जा सकते हैं। ये बिल विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव और सुधार लाने के उद्देश्य से संसद में प्रस्तुत होंगे।

