नई दिल्ली। भारत द्वारा हाल के दिनों में रूसी तेल आयात कम करने के संकेतों के बीच, आगामी दिसंबर में होने वाली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा में कच्चे तेल (क्रूड) व्यापार प्रमुख मुद्दा रहने वाला है।
सूत्रों के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी के साथ होने वाले सालाना सम्मेलन में पुतिन भारत को रूसी क्रूड की खरीद बढ़ाने के बदले विशेष छूट देने की पेशकश कर सकते हैं।
यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच भारत ने रूस की अर्थव्यवस्था को संबल दिया है, लेकिन हाल में आयात में आई कमी ने मास्को की चिंता बढ़ाई है। कूटनीतिक और उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रूस पहले जैसी तेल मूल्य और सप्लाई से जुड़ी रियायतें दोबारा देने को तैयार है।

