गरियाबंद: सूने मकानों और दुकानों में चोरी की लगातार घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर चोर गिरोह का गरियाबंद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड पिता-पुत्र और उनके दो सहयोगियों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि गिरोह का प्रमुख सूरज बारीक (21 वर्ष) और उसका पिता भुवनेश्वर बारीक (39 वर्ष) ओडिशा के नवरंगपुर जिले के बारिगुडा निवासी हैं। इसके अलावा गिरोह में भूपेंद्र नेताम (20 वर्ष), उसका सगा भाई लिंगराज नेताम (22 वर्ष), चोरी का सामान खरीदने वाले देवाशीष राउत रॉय (देवबंद) और प्रीत मिस्त्री (रायपुर परसदा) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 31 मार्च से 14 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग दिन और समय पर सूने मकानों और दुकानों में सेंधमारी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। इनके खिलाफ अमलीपदर थाना में एक और देवभोग थाना में 3 अपराध दर्ज किए गए हैं। आरोपियों पर BNS की धारा 305, 331(4), 317 के तहत कार्रवाई की गई।
बरामदगी
पुलिस ने चोरी के 96 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत 12 लाख 10 हजार 400 रुपये बताई गई है। इसके अलावा लगभग 8 लाख रुपये के सोने और चांदी के जेवरात, चोरी के पैसों से खरीदी गई ब्रेजा कार और एक बाइक भी जब्त की गई।
गिरोह का मास्टरमाइंड भुवनेश्वर बारीक देवभोग के राजापारा इलाके में किराए के मकान में अपने पुत्र और सहयोगियों के साथ रहकर इलाके में रेकी करता था। 14 अक्टूबर को इस गिरोह ने अमलीपदर में एक मोबाइल दुकान को अपना निशाना बनाया और 96 मोबाइल चोरी किए। इनमें से कुछ मोबाइल देवबंद के कारोबारी को बेचे गए, जिन्हें पुलिस ने 21 अक्टूबर को पकड़ लिया।
साइबर सेल की भूमिका
गरियाबंद की साइबर सेल ने तकनीकी मदद से चोरी हुए मोबाइल की मॉनिटरिंग की। चोरी हुए मोबाइल एक्टिव होते ही पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर आरोपी तक पहुंची और किराए के मकान से बाकी मोबाइल जब्त किए।
गिरोह ने चोरी की वारदातों को स्वीकार किया और रायपुर के ठिकानों का भी खुलासा किया, जहां चोरी का सामान बेचा जाता था। पुलिस ने रायपुर में दबिश देकर 2 किलो चांदी और सोने के जेवरात बरामद किए और खरीदारों को भी गिरफ्तार किया।

