श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य जीवन को बनाती है सार्थक और सफल – त्रिलोक चंद्र श्रीवास
कोनी में श्री सीताराम श्रीवास परिवार द्वारा आयोजित हो रही दिव्य श्रीमद्भागवत कथा
बिलासपुर/कोनी। कोनी नगर में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण की सरगर्मी देखने को मिल रही है, जहां श्री सीताराम श्रीवास एवं उनके परिवार द्वारा भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में प्रख्यात भागवताचार्य पंडित श्री देवशरण दुबे जी व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत पुराण की अमृतवाणी सुना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक एवं प्रदेश कांग्रेस उत्तर प्रदेश एवं गुजरात के प्रभारी, लोकप्रिय जननेता श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,
“श्रीमद्भागवत कथा नित्य नूतन है। इसका हर बार श्रवण करने पर नए ज्ञान, चेतना और आनंद की अनुभूति होती है। यह कथा न केवल व्यक्ति के जीवन को सार्थक और सफल बनाती है, बल्कि जिस क्षेत्र में इसका आयोजन होता है, वहाँ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।”
श्री त्रिलोक श्रीवास ने श्री सीताराम श्रीवास एवं उनके परिवार को इस महान आयोजन के लिए बधाई दी और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर पं. देवशरण दुबे ने कथा प्रवचन के दौरान बताया कि,
“ब्रह्मा जी ने वेदों को व्यास जी के हृदय में स्थापित किया और वेदों के सरलीकरण हेतु उन्हें चार भागों में विभाजित किया। तत्पश्चात 17 पुराणों की रचना हुई, लेकिन जब आत्मिक संतुष्टि नहीं मिली तो देवर्षि नारद की प्रेरणा से उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की। यही ग्रंथ समस्त पुराणों का मुकुटमणि है।”
सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल
इस आयोजन में श्रीवास परिवार के अनिल श्रीवास, इंद्रेश श्रीवास, केदारनाथ श्रीवास, रामस्वरूप श्रीवास, संतोष श्रीवास, नरेंद्र श्रीवास, मोहन श्रीवास, आशीष श्रीवास, दीपक श्रीवास, वेदव्यास, लक्ष्मीकांत, रवि, शिव श्रीवास, राम अवतार श्रीवास, सहित
राजू श्रीवास, राजकुमार श्रीवास, गोरेलाल, बलदाऊ, बबलू, राजेंद्र, रमेश, जवाहर, रवि श्रीवास आदि श्रीवास समाज के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
साथ ही कोनी नगर से भी बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से:
व्यास नारायण पांडे, सुरेंद्र पांडे, नंदकुमार गुप्ता, रामचरण गढ़वाल, पुन्नी पटेल, मूलचंद पटेल, भोलाराम पटेल, बलराम श्रीवास, अशोक श्रीवास, विजय यादव, मनोज श्रीवास, शुभ श्रीवास, आदित्य श्रीवास, ऐश्वर्य श्रीवास, चित्रकांत श्रीवास, सूर्यकांत श्रीवास, रोशन श्रीवास, बालमुकुंद श्रीवास आदि उपस्थित रहे।
हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह आयोजन धार्मिक आस्था और भक्ति की अनुपम मिसाल बन गया है।
