सुशासन तिहार के तृतीय चरण में बुधवार को नगर पंचायत मरवाही के सेमिनार हाल में आयोजित समाधान शिविर में 298 आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने एक-एक कर मंच पर आकर अपने विभाग को प्राप्त मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदनों के निराकरण की स्थिति से आवेदकों को अवगत कराया। साथ ही विभागीय स्टाल लगाकर योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी भी दी। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग के स्टाल में अपना रक्तचाप (बीपी) का जांच भी कराया। उन्होंने नवोदित नगर पंचायत मरवाही के विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधि एवं नागरिकों के सुझाव और सहयोग से कार्य योजना बनाकर कार्य करने की बात कही।
नगर पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती मधुबाबा गुप्ता ने भी नगर पंचायत के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए बिजली, पानी, सड़क, नाली आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए नवनिर्वाचित सदस्यों की बैठक में प्रस्ताव पारित कर सभी के सहयोग से सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान करने की बात कही। पार्षद श्री नारायण श्रीवास ने प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने और पानी की समस्या के समाधान के लिए एकजुटता से कार्य करने कहा। शिविर में नगर पंचायत के उपाध्यक्ष ललित पवार, पार्षद पुजा लहरे, नीरज गुप्ता, हरिश कुमार, गिरजेश, बृजेन्द्र सिंह मास्को, एसडीएम प्रफुल्ल रजक, तहसीलदार प्रीति शर्मा, सीएमओ योगेश साहू, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित थे।
समाधान शिविर में 259 मांगों एवं 39 शिकायतों से संबंधित आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। इनमें नगर पंचायत मरवाही के मांग के 148 और शिकायत के 35 आवेदन शामिल है। इसी तरह निराकृत आवेदनों में राजस्व विभाग के 52, विद्युत विभाग के 20, खाद्य विभाग के 14, महिला एवं बाल विकास के 12, शिक्षा विभाग के 7, कृषि विभाग के तीन, आदिवासी एवं सहकारिता विभाग के दो-दो और उद्योग, जलसंसाधन एवं वन विभाग के एक-एक आवेदन शामिल है। शिविर में हितग्राहियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोषण किट और समाज कल्याण विभाग द्वारा व्हील चेयर एवं छड़ी प्रदान किया गया। इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को जाति प्रमाण पत्र और सुकन्या समृद्धि एवं नोनी सुरक्षा योजना के तहत लाभान्वित करने के साथ ही गोद भराई और अन्नप्राशन का रस्म किया गया।
