प्रथम पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित..
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की पहल
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में सत्र 2005 से 2024 तक के स्नातक एवं 2017 से 2024 तक के स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त पूर्व छात्र-छात्राओं का प्रथम पूर्व छात्र मिलन समारोह भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
गौरव का क्षण: पूर्व छात्रों का आत्मीय पुनर्मिलन
समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व अधिष्ठाता डॉ. ए.के. साहू थे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सी.आर. गुप्ता, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. देवेश पांडे, डॉ. एस.एल. स्वामी तथा बीटीसीकार्स एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री योगेश दुबे शामिल रहे। अध्यक्षता डॉ. एन.के. चौरे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्सेज्वलन हुई।
संस्थान की उपलब्धियों का स्मरण
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राजेश कुमार साहू ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पूर्व छात्रों से पुनः आत्मीय संवाद सभी के लिए गौरव का विषय है।
मुख्य अतिथि का संदेश: संबंध, स्मृति और संकल्प
डॉ. ए.के. साहू ने कहा कि यह मिलन केवल आयोजन नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और स्मृतियों के पुनर्जागरण का अवसर है। यही वह परिसर है जहाँ आत्मबल, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की नींव पड़ी।
पूर्व छात्रों की उपलब्धियाँ संस्थान की पूँजी
डॉ. सी.आर. गुप्ता ने कहा कि पूर्व छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. एस.आर. पटेल ने इसे राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बताया।
पूर्वजों की प्रेरणा – संस्थान की शक्ति
डॉ. देवेश पांडे ने कहा कि पूर्व छात्रों का जुड़ाव संस्थान को नई दिशा देगा। डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने अपनी काव्यात्मक शैली में कहा –
"रिश्ते किताबों की तरह होते हैं,
समय निकालिए उन्हें पढ़ने के लिए।
वरना धूल जमती जाती है,
और फिर एक दिन वे इतिहास बन जाते हैं।"
प्रगति की 24 वर्ष लंबी यात्रा
डॉ. एन.के. चौरे ने संस्थान की स्थापना से अब तक की यात्रा का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि अब तक 1227 से अधिक स्नातक तथा सैकड़ों स्नातकोत्तर छात्र निकले हैं और कई पूर्व छात्र सरकारी व निजी क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।
पूर्व छात्र: संस्थान के ब्रांड एंबेसडर
उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संस्थान की असली पहचान और प्रेरणा हैं।
विकास की नई शुरुआत
एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश दुबे ने इसे विकास के नए विचारों और सहयोग की शुरुआत बताया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं सम्मान समारोह
पूर्व छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। मंच संचालन मानसी चंद्राकर, पी. दीपिका, राजेश्वरी कुर्रे एवं नारद भारद्वाज ने किया।
सफल आयोजन में समर्पित टीम वर्क
पूर्व छात्रों – सुनीत साहू, अजय अनंत, जगदीश यादव, प्रेमलता यादव, शशांक शिंदे, दिनेश गांधी, योगेश दुबे, नारद भारद्वाज, कुलदीप पटेल, राजेश बंजारे, पंचराम मिर्ज़ा, मधुप चंदन, गुलाब सिंह राजपूत, तरुण साहू – सहित संपूर्ण स्टाफ का योगदान सराहनीय रहा।
प्रायोजकों का समर्थन
कार्यक्रम की सफलता में एग्रीमलाय इंडिया, बिलासपुर मशरूम, कृषि युग, एसआर थीसिस राइटिंग, फसल बाजार, साईं कृषि कोचिंग, साईं पैथोलैब, हरिहर गवई, बीपीसी क्रॉप साइंस आदि संस्थाओं का सहयोग महत्वपूर्ण रहा ।
एल्युमिनाई एसोसिएशन के सचिव रूपसिंह मैत्री ने कहा कि यह आयोजन बीते पलों की मधुर स्मृतियों को पुनर्जीवित करने वाला अवसर रहा। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों की सहभागिता और संस्थान को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
