गरीबों के घर उजाड़ना ही सरकार का सुशासन है – त्रिलोक चंद्र श्रीवास
बिलासपुर। बिरकोना क्षेत्र में हाल ही में जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि "गरीबों और आम जनता के घरों को भरी गर्मी में उजाड़ना ही अगर सरकार का विकास और सुशासन है, तो यह लोकतंत्र और मानवता दोनों के खिलाफ है।"
ज्ञात हो कि हाल ही में बिरकोना क्षेत्र के दर्जनों परिवारों के मकानों को तोड़ा गया। इससे पहले लिंगीयाडीह में भी अपोलो मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर सैकड़ों मकानों को प्रशासन ने गिरा दिया था।
श्री श्रीवास, जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक, उत्तर प्रदेश और गुजरात के प्रभारी एवं जिला पंचायत सदस्य क्रमांक-3 के मार्गदर्शक हैं, ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी अवैध कब्जे का समर्थन नहीं करते, परंतु जिन परिवारों ने बीते 20 से 40 वर्षों में अपने जीवन की पूंजी से घर बसाया था, उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास के उजाड़ देना, अमानवीय और अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने कहा, "हमारी भारतीय संस्कृति में तो चिड़ियों के घोंसले भी तब तक नहीं उजाड़े जाते, जब तक उनके लिए दूसरी जगह की व्यवस्था न की जाए। फिर इंसानों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?"
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं? क्या उनकी चुप्पी प्रशासन की तानाशाही कार्रवाई का समर्थन है?
प्रेस के माध्यम से उन्होंने जिला कलेक्टर से मांग की कि बिरकोना और लिंगीयाडीह के प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था दी जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो कांग्रेसजन, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
– रिपोर्ट: NEWS 1947
