स्थाई समिति चुनाव में नियम उल्लंघन का आरोप, कांग्रेस नेत्री स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने किया बहिष्कार
बिलासपुर।
जिला पंचायत बिलासपुर में स्थाई समितियों के गठन को लेकर आज एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया जब कांग्रेस नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने जिला पंचायत अधिकारियों पर पंचायती राज अधिनियम की अवहेलना करते हुए अवैध रूप से चुनाव प्रक्रिया संचालित करने का गंभीर आरोप लगाया।
श्रीमती श्रीवास ने बताया कि पंचायती राज अधिनियम 1993 और 1994 के अनुसार जिला पंचायत में केवल तीन स्थाई समितियों का प्रावधान है। यदि किसी अतिरिक्त समिति का गठन करना हो, तो उसके लिए सामान्य सभा में प्रस्ताव पारित किया जाना अनिवार्य है। लेकिन जिला पंचायत की पहली बैठक से पूर्व ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रस्ताव पर कलेक्टर के माध्यम से चार समितियों की वृद्धि कर दी गई, जो पूरी तरह से अवैधानिक है।
उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में उन्होंने सामान्य सभा का प्रस्ताव मांगा, तो अधिकारियों ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज़ किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य कर रहे हैं और नियमों को दरकिनार कर मनमानी चुनाव प्रक्रिया चला रहे हैं।
इसके अलावा, श्रीवास ने चुनाव प्रक्रिया में सदस्य संख्या कम किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले जहां पांच सदस्य होते थे, अब उसे घटाकर तीन कर दिया गया है ताकि विपक्षी दल के प्रतिनिधियों को समितियों से बाहर रखा जा सके। साथ ही सभापति पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक की आवश्यकता वाले नियम को भी गलत तरीके से लागू किया जा रहा है।
कांग्रेस नेत्री ने स्पष्ट किया कि वह इस अन्याय और अवैधानिक कार्यवाही के विरुद्ध कानूनी विकल्पों की ओर भी अग्रसर होंगी। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और पंचायती राज प्रणाली के खिलाफ एक गंभीर हमला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
