रतनपुर। वन विभाग रतनपुर द्वारा बीते माह अवैध परिवहन करते हुए पकड़े गए ट्रैक्टर और जेसीबी को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों की मानें तो विभाग अब इन वाहनों को छोड़ने की तैयारी कर रहा है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया और विभागीय निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि विगत माह वन विभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रतनपुर वन परिक्षेत्र के भीतर अवैध परिवहन में लगे दर्जनभर ट्रैक्टर और जेसीबी को जप्त किया था। नियमानुसार, इन वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और प्रकरण उच्चाधिकारियों को भेजा गया था। लेकिन अब छह महीने बाद अचानक इन्हें छोड़ने की चर्चा जोरों पर है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग के कुछ अधिकारी मामले को दबाने और संबंधित पक्षों को राहत देने की कोशिश में जुटे हैं। स्थानीय लोगों में इस फैसले को लेकर नाराजगी बढ़ रही है, क्योंकि इससे अवैध परिवहन को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय अधिकारी दे रहे हैं गोलमोल जवाब
जब इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए इसे "प्रक्रियाधीन मामला" बताया। हालांकि, विभाग के इस कदम पर कई सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने नाराजगी जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जनता में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
इस पूरे मामले पर वन संरक्षण समिति और क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वन विभाग अवैध परिवहन में पकड़े गए वाहनों को बिना उचित कार्रवाई के छोड़ता है, तो इससे भविष्य में ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलेगा।
अब देखने वाली बात होगी कि क्या वन विभाग इस मामले में पारदर्शिता बरतता है या फिर सच में कोई "बड़ा खेला" होने जा रहा है?
