311 करोड़ की सड़क… लेकिन धूल में गुम विकास!
रतनपुर-केवची हाईवे निर्माण में लापरवाही, उड़ती धूल से राहगीर बेहाल
रतनपुर। छत्तीसगढ़ के रतनपुर से केवची और पेंड्रा-मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के निर्माण में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। 311 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया गया है। मिट्टी-मुरुम डालने के बाद आवश्यक पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा, जिससे पूरा इलाका धूल के गुबार में तब्दील हो गया है।
सांस लेना मुश्किल, धूल में खो गई सड़क!
इस निर्माणाधीन सड़क पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं। जैसे ही भारी वाहन गुजरते हैं, सड़क पर धूल का ऐसा बवंडर उठता है कि पीछे चलने वाले वाहन चालक और राहगीर कुछ भी नहीं देख पाते।
स्थानीय लोग आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और लगातार दुर्घटनाओं की शिकायत कर रहे हैं। स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए यह सड़क खतरनाक बन चुकी है। दुकानें और घर धूल से ढक गए हैं, जिससे व्यापारियों और निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
311 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन जनता बेहाल!
नेशनल हाईवे प्राधिकरण द्वारा 311 करोड़ रुपये की लागत से 10 मीटर चौड़ी यह सड़क बनाई जा रही है। इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन निर्माण कार्य की शुरुआत से ही लापरवाही हावी है।
नेता बोले – अब ठेकेदार की मनमानी नहीं चलेगी!
क्षेत्रीय जनपद सदस्य अरविंद जायसवाल ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा,
"सड़क निर्माण में ठेकेदार मनमानी कर रहा है। विभाग के अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जनता की तकलीफों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। जल्द ही उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके।"
इंजीनियर का बयान – जल्द होगा समाधान!
नेशनल हाईवे इंजीनियर अश्वनी शर्मा ने सफाई देते हुए कहा,
"ठेकेदार को मिट्टी-मुरुम डालने के बाद पानी छिड़कने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी की वजह से धूल ज्यादा उड़ रही है, लेकिन जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।"
जनता की मांग – धूल नहीं, समाधान चाहिए!
- निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
- नियमित पानी छिड़काव कर उड़ती धूल को नियंत्रित किया जाए।
- कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण हो।
