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बिलासपुर में ऑटो रिक्शा का डिजिटल पंजीकरण शुरू, क्यूआर कोड से मिलेगी चालक और वाहन की पूरी जानकारी

  1. बिलासपुर में ऑटो रिक्शा का डिजिटल पंजीकरण शुरू, क्यूआर कोड से मिलेगी चालक और वाहन की पूरी जानकारी

  2. बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026। बिलासपुर पुलिस ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए “रिक्शा डिजिटल पंजीकरण एवं नागरिक सुरक्षा नेटवर्क कार्यक्रम” का शुभारंभ किया। चेतना भवन पुलिस ग्राउंड, बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नागरिकों और बड़ी संख्या में ऑटो चालकों की मौजूदगी रही।

    कार्यक्रम के प्रथम दिवस ही 3,000 से अधिक ऑटो चालकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण कराया, जबकि जिलेभर से करीब 5,000 से अधिक ऑटो चालक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी ऑटो और चालक की जानकारी

    इस व्यवस्था के तहत पंजीकृत प्रत्येक ऑटो रिक्शा को विशिष्ट डिजिटल आईडी और क्यूआर कोड प्रदान किया जाएगा। यात्री ऑटो में लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर संबंधित वाहन और चालक की उपलब्ध जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे ऑटो में बैठने से पहले यात्री को चालक की पहचान के संबंध में आवश्यक जानकारी मिल सकेगी।

    डिजिटल पंजीकरण के दौरान चालक की पहचान, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का विवरण, फोटो सहित आवश्यक जानकारियों को डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन को भी आवश्यकता पड़ने पर वाहन एवं चालक के सत्यापन और निगरानी में इससे सुविधा मिलेगी।

    महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर

    कार्यक्रम में आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने ऑटो चालकों को पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऑटो चालक शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से निरंतर जुड़े रहते हैं, इसलिए अपराध अथवा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तार के साथ सार्वजनिक परिवहन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑटो रिक्शा का उपयोग महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और दूसरे शहरों एवं राज्यों से आने वाले यात्री बड़ी संख्या में करते हैं। ऐसे में ऑटो चालकों की पहचान सुनिश्चित करना यात्रियों के विश्वास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

    क्यूआर कोड और यूनिक डिजिटल आईडी से यात्रियों को चालक एवं वाहन की सत्यापित जानकारी मिलने पर विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है।

    तीन दिनों में पंजीकरण अनिवार्य

    बिलासपुर पुलिस ने सभी ऑटो चालकों को तीन दिवस के भीतर क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल पंजीकरण कराने की समय-सीमा दी है। जिले के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर अभियान चलाकर शेष ऑटो का भी डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा। क्यूआर कोड विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध कराए जाने से ऑटो चालक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।

    सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगा डिजिटल आधार

    इस पहल से ऑटो रिक्शा और चालकों का व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। भविष्य में सत्यापन, पहचान और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा। पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था डिजिटल तकनीक, नागरिक सुविधा और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में काम करेगी।

    नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे ने भी कार्यक्रम में ऑटो चालकों को क्यूआर आधारित पहचान व्यवस्था के साथ शहर और कस्बों में ठेला, गुमचा एवं अन्य दुकानदारों के लिए वेंडर पॉलिसी के तहत क्यूआर कोड जारी करने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी, ताकि यातायात दबाव और आवागमन में बाधा की स्थिति को कम किया जा सके।

    कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने योजना की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल ई-रिक्शा/ऑटो चालकों और वाहनों की जानकारी को डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों को विश्वसनीय पहचान व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

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