-->
Type Here to Get Search Results !
ब्रेकिंग न्यूज़

रावे कार्यक्रम के तहत कृषि विद्यार्थियों ने किया पशु चिकित्सा महाविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण

रावे कार्यक्रम के तहत कृषि विद्यार्थियों ने किया पशु चिकित्सा महाविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण

बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री, बिलासपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक पशुपालन, पशुधन प्रबंधन एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

इस अवसर पर कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री, बिलासपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रवीण रात्रे ने विद्यार्थियों को विभिन्न पशुपालन इकाइयों का भ्रमण कराया। उन्होंने पशुओं की नस्लीय विशेषताओं, आवास व्यवस्था, पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन, प्रजनन तथा वैज्ञानिक पालन-पोषण की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डेयरी इकाई में देखीं गिर और साहीवाल नस्लें

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने डेयरी इकाई का अवलोकन किया, जहां गिर एवं साहीवाल नस्ल की गायों और बछड़ों सहित लगभग 60 पशु मौजूद थे। विद्यार्थियों ने इन नस्लों की विशेषताओं, दुग्ध उत्पादन क्षमता, आहार प्रबंधन तथा पशुओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को करीब से समझा।

उस्मानाबादी बकरियों के वैज्ञानिक पालन की जानकारी

इसके बाद विद्यार्थियों ने बकरी पालन इकाई का भ्रमण किया। यहां उस्मानाबादी नस्ल की लगभग 60 बकरियों का वैज्ञानिक तरीके से पालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों को बकरियों के आवास, आहार, प्रजनन, स्वास्थ्य देखभाल और रोग नियंत्रण सहित बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई।

सूकर पालन की व्यावहारिक जानकारी

विद्यार्थियों ने सूकर पालन इकाई का भी निरीक्षण किया, जहां लगभग 10 सूअरों का पालन किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें सूकरों के लिए संतुलित पोषण, स्वच्छ आवास, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा वैज्ञानिक पालन-पोषण की आवश्यकताओं से अवगत कराया गया।

व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध हुआ प्रशिक्षण

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न पशुधन नस्लों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन को समझने का अवसर मिला। कृषि शिक्षा में ऐसे व्यावहारिक भ्रमण विद्यार्थियों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन एवं एकीकृत कृषि प्रणाली की संभावनाओं को समझने में मदद करते हैं।

इस भ्रमण से विद्यार्थियों के तकनीकी एवं व्यावसायिक ज्ञान में वृद्धि हुई तथा उन्हें आधुनिक पशुपालन को कृषि आधारित आजीविका और उद्यमिता से जोड़ने की व्यावहारिक समझ भी प्राप्त हुई।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.