राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पहल, विद्यार्थियों ने जनसंख्या स्थिरीकरण एवं स्वस्थ समाज निर्माण का लिया संकल्प
बिलासपुर, 11 जुलाई 2026। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में जनसंख्या वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स द्वारा विषय परिचय के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की शासी परिषद द्वारा वर्ष 1989 में की गई थी। इसका उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, महिला सशक्तिकरण तथा सतत विकास के प्रति वैश्विक स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदार नागरिक बनकर स्वस्थ, शिक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. एन. के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय बिलासपुर ने कहा कि जनसंख्या केवल संख्या का विषय नहीं, बल्कि मानव संसाधन की गुणवत्ता का भी प्रश्न है। यदि जनसंख्या शिक्षित, स्वस्थ, कुशल एवं जागरूक हो तो वही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बन जाती है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जनसंख्या, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. चौरे ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा, पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को समाज तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि जागरूक युवा ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने जनसंख्या स्थिरीकरण, महिला सम्मान, स्वस्थ परिवार तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, वैज्ञानिक, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सभी उपस्थितजनों से "छोटा परिवार–सुखी परिवार", महिला सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वस्थ जीवनशैली तथा सतत विकास के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
