कार्यक्रम में किसानों ने चौधरी टिकैत को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके किसान हितों के संघर्ष को याद किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण के लिए गजट से अधिक भूमि अधिग्रहित की जा रही है तथा किसानों को वर्तमान दर से मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
महापंचायत में पहुंचे उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, परियोजना निदेशक एवं खण्डासा इंस्पेक्टर ने किसानों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बताया कि गाटा संख्या 255 में केवल 25 एयर भूमि का गजट किया गया था, जबकि वास्तविक रूप से 272 एयर भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया है।
भाकियू नेताओं ने मांग की कि अतिरिक्त अधिग्रहित भूमि का मुआवजा तत्काल दिया जाए अथवा दो वर्षों की फसल क्षति का भुगतान कराया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं मिला तो बनी हुई सड़क की जुताई कर खेती की जाएगी।काफी बातचीत और मान-मनौव्वल के बाद प्रशासन एवं किसान नेताओं के बीच यह सहमति बनी कि पुनः गजट प्रक्रिया पूरी होने और मुआवजा मिलने तक सड़क निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। प्रशासन के आग्रह पर किसानों ने 8 जुलाई तक का समय दिया है। किसानों ने कहा कि तय समय तक मुआवजा नहीं मिला तो सड़क की जुताई कर दी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि चौधरी टिकैत ने किसानों को संघर्ष और स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया, जिसे देश का किसान हमेशा याद रखेगा।
महापंचायत को सूर्यनाथ वर्मा, राम गणेश मौर्य, फरीद अहमद, भोला सिंह टाइगर, रवि शंकर पांडे, संतोष वर्मा, राजेश मिश्रा, राजदेव यादव सहित बड़ी संख्या में किसान नेताओं एवं ग्रामीणों ने संबोधित किया।
