गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
जिले में मजदूरी भुगतान को लेकर हुए विवाद में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी की पहल पर आपसी समझौता कर मामला सुलझा लिया गया। मामला सारबहरा सिंचाई नगर का है, जहां लेबर ठेकेदार नरेंद्र सिंह सतनामी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाई गई।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच मुन्ना सिंह भैना (अंजनी) द्वारा निर्माण कार्य कराया गया था, जिसकी मजदूरी करीब 70 हजार रुपये का भुगतान लंबित था। इस संबंध में लेबर ठेकेदार नरेंद्र सिंह सतनामी ने थाना गौरेला में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय भेज दिया गया था।
इसी दौरान नरेंद्र सिंह का दुर्घटना हो जाने के कारण लंबे समय तक उनका इलाज चलता रहा, जिससे वे आर्थिक रूप से कमजोर हो गए। ठीक होने के बाद जब मजदूरी के भुगतान के लिए दबाव बढ़ा, तो वे न्यायालय जाने में असमर्थ रहे और अपनी समस्या लेकर इंटक कार्यालय पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर चर्चा की। मुन्ना सिंह भैना ने अपनी खराब तबीयत और लंबे इलाज का हवाला देते हुए तत्काल भुगतान में असमर्थता जताई। इसके बाद इदरीस अंसारी ने मध्यस्थता करते हुए 70 हजार रुपये की जगह 45 हजार रुपये में समझौता कराया। यह राशि तीन किस्तों में देने पर दोनों पक्षों के बीच लिखित सहमति बनी।
हालांकि, शुरुआत में नरेंद्र सिंह ने पूरे भुगतान की मांग की, लेकिन इदरीस अंसारी के समझाने पर उन्होंने भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर समझौता स्वीकार कर लिया।
इसी दौरान नरेंद्र सिंह सतनामी द्वारा हेमंत पुरी, रामाधार जायसवाल एवं एक शासकीय कर्मचारी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इस पर इंटक अध्यक्ष ने सभी मामलों में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्हें दो-तीन दिन बाद पुनः बुलाया है।
जिले में इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जटिल मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने की उनकी पहल को लोग सराह रहे हैं।
