जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर परिजनों तक सभी को हैरानी में डाल दिया है। जिस युवक को पुलिस और परिवार महीनों से मृत मान रहे थे, वही युवक अचानक जीवित अपने घर लौट आया। हैरानी की बात यह है कि उसके चार दोस्तों ने उसकी हत्या करने की बात कबूल की थी और इसी आधार पर वे जेल में बंद हैं।
दरअसल, सीमित खाखा नामक युवक के कथित हत्या मामले में पुलिस ने उसके चार दोस्तों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने स्वीकार किया था कि रुपये के विवाद में उन्होंने सीमित खाखा की हत्या कर शव को जला दिया। पुलिस ने अधजली लाश बरामद कर परिजनों से पहचान कराई थी, जिसे सीमित खाखा बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद आरोपियों को न्यायालय ने जेल भेज दिया।
कुछ माह बाद जिंदा लौटा सीमित खाखा
घटना के कुछ महीनों बाद सीमित खाखा अचानक अपने घर लौट आया। जिसे मृत समझकर परिवार शोक मना रहा था, उसे जीवित देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तत्काल इसकी सूचना जशपुर पुलिस को दी गई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति का शव बरामद हुआ था, वह कौन था?
18 अक्टूबर को मिला था अधजला शव
मामले की शुरुआत 18 अक्टूबर को हुई थी, जब कोतवाली पुलिस को ग्राम पुरनानगर के तुरीटोंगरी इलाके में एक अधजली लाश मिलने की सूचना मिली। शव का चेहरा और शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और बाद में हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
आरोपियों ने कबूला था जुर्म
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि सीमित खाखा अपने गांव के कुछ साथियों के साथ मजदूरी करने झारखंड के हजारीबाग गया था। संदेह के आधार पर पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने सीमित खाखा की हत्या कर शव जलाने की बात कबूल की थी।

