नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले चार दिनों से भारी अव्यवस्था से जूझ रही है। क्रू मेंबर्स की कमी के कारण 1700 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। यात्रियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। हालात बिगड़ते देख केंद्र सरकार और DGCA बैकफुट पर आ गए हैं।
DGCA ने इंडिगो को दी अस्थायी राहत
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए—
वीकली रेस्ट के बदले छुट्टी न देने का आदेश वापस लिया
10 फरवरी 2026 तक इंडिगो समेत सभी एयरलाइंस को अस्थायी छूट दी
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि क्रू मेंबर्स की उपलब्धता बढ़ सके और फ्लाइट संचालन सामान्य हो सके।
दूसरी एयरलाइंस ने किराए दोगुने किए
इंडिगो संकट का सीधा असर अन्य एयरलाइंस पर पड़ा है। अचानक बढ़ी डिमांड के चलते किराए आसमान छूने लगे हैं।
MakeMyTrip के मुताबिक 6 दिसंबर को
दिल्ली–बेंगलुरु की सबसे सस्ती फ्लाइट ₹40,000+
कुछ फ्लाइट्स का किराया ₹80,000 तक पहुंच गया
सामान्य दिनों में यह किराया ₹7,000–10,000 के बीच रहता है
यात्रियों को विकल्प की तलाश में दोगुने-तिगुने दामों पर टिकट लेने पड़ रहे हैं।
दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद एयरपोर्ट पर हंगामा
इंडिगो शुक्रवार को चौथे दिन भी क्रू की भारी कमी से परेशान रही। इसके कारण कई एयरपोर्ट पर—
1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल
यात्रियों का धैर्य टूटा
24-24 घंटे इंतजार
पानी, खाना, दवाइयों की कमी
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों से बहस और झगड़ा करते नजर आए।
यात्रियों की परेशानी बढ़ी
फ्लाइट कैंसिल होने से—
बिजनेस यात्रियों का शेड्यूल बिगड़ा
स्टूडेंट्स के एग्जाम मिस होने की नौबत
इमरजेंसी यात्रियों को भारी दिक्कत
होटल बुकिंग और आगे की यात्रा पर भी असर
यात्री सोशल मीडिया पर लगातार नाराजगी जता रहे हैं और इंडिगो पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

