सूरजपुर, 2 नवंबर 2025। प्रतापपुर विधानसभा की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने उन पर फर्जी और कूटरचित जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जबकि उनका जाति प्रमाणपत्र कानूनी रूप से अवैध है।
इस खुलासे के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान धन सिंह धुर्वे, मुन्ना सिंह और रामवृक्ष ने मिलकर यह आरोप सार्वजनिक रूप से उठाए।
पति पक्ष से जारी प्रमाणपत्र अवैध बताया
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने पति पक्ष के आधार पर जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है, जबकि कानून के अनुसार किसी व्यक्ति की जाति केवल पिता पक्ष की जाति के आधार पर निर्धारित होती है। ऐसे में पति के आधार पर जारी किया गया प्रमाणपत्र कानूनी रूप से अमान्य है।

