नई दिल्ली, 07 नवंबर 2025। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने हसीन जहां से कहा, "क्या 4 लाख की रकम पर्याप्त नहीं है?"
दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने शमी को आदेश दिया था कि वे अपनी बेटी और पत्नी को हर महीने ₹4 लाख के गुजारे भत्ते के रूप में दें। इसमें ₹2.5 लाख बेटी आयरा के लिए और ₹1.5 लाख हसीन जहां के लिए निर्धारित किए गए थे।
इस फैसले पर असंतुष्ट हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और हर महीने 10 लाख रुपए देने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार और मोहम्मद शमी को नोटिस भेजकर चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
शादी और परिवार का इतिहास
शमी और हसीन जहां की शादी 2014 में हुई थी। 2015 में उनकी बेटी आयरा का जन्म हुआ। शमी को बेटी के जन्म के बाद पता चला कि हसीन जहां पहले से शादीशुदा थीं और उनके दो बच्चे थे। इसके बावजूद शमी ने परिवार की नाराजगी के बावजूद हसीन से निकाह किया।
हसीन जहां पेशे से मॉडल और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की चीयरलीडर रह चुकी हैं। शमी अपनी बेटी आयरा के लिए अक्सर इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट शेयर करते रहते हैं और बेटी को प्यार से ‘बेबो’ कहकर बुलाते हैं।
कोर्ट का रुख
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वर्तमान में तय ₹4 लाख प्रति माह की राशि पर्याप्त मानी जा रही है और दोनों पक्षों से जवाब मांगा गया है। इस फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

