सुब्रह्मण्य षष्ठी, जिसे स्कंद षष्ठी भी कहा जाता है, इस वर्ष 26 नवंबर 2025 बुधवार को मनाई जाएगी। दक्षिण भारत में विशेष उत्साह के साथ मनाए जाने वाला यह पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा से भक्तों को बल, बुद्धि, ज्ञान और संतान सुख प्राप्त होता है तथा जीवन के संकट दूर होते हैं।
पंचांग के अनुसार सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करने, भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित कर पंचामृत स्नान कराने, चंदन-कुमकुम का तिलक लगाने और धूप-दीप अर्पित कर मंत्र जाप करने की परंपरा है। भक्त ‘ॐ स्कंदाय नमः’ या ‘ॐ शरवण भव’ मंत्र का 108 बार जाप करते हैं और स्कंद षष्ठी व्रत कथा का पाठ किया जाता है।
कई भक्त निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं। व्रत का पारण अगले दिन सप्तमी तिथि पर सूर्योदय के बाद किया जाएगा।

