सातारा। महाराष्ट्र के सातारा में महिला डॉक्टर के सुसाइड केस ने अब नया मोड़ ले लिया है। सुसाइड करने वाली डॉक्टर के साइन वाली एक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पीड़िता की मां भाग्यश्री पचंगने ने सनसनीखेज दावा किया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी दीपाली की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या थी, और डॉक्टर पर रिपोर्ट बदलने का दबाव डाला गया था।
6 महीने की प्रेग्नेंट थी दीपाली, मां ने लगाया हत्या का आरोप
भाग्यश्री के अनुसार, उनकी बेटी दीपाली पचंगने की शादी इंडियन आर्मी ऑफिसर अजिंक्य हनमंत निंबालकर से हुई थी। 17 अगस्त को दामाद ने उन्हें बताया कि दीपाली की तबीयत खराब है और उसे फलटण के राउत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
19 अगस्त को अचानक खबर आई कि दीपाली ने सुसाइड कर लिया है। मां भाग्यश्री ने बताया, “मुझे यकीन नहीं हुआ। मेरी बेटी 6 महीने की प्रेग्नेंट थी। मुझे पूरा विश्वास है कि उसकी हत्या की गई है। दीपाली को उसके पति और ससुरालवालों द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पांच दिन तक पुलिस ने नहीं दी, और एक महीने बाद जब रिपोर्ट मिली, तो उसमें “नेचुरल डेथ” बताया गया। भाग्यश्री का कहना है कि उनके दामाद अजिंक्य निंबालकर ने अपने राजनीतिक और पुलिस कनेक्शन का इस्तेमाल कर मामला दबाने की कोशिश की, और रिपोर्ट बदलने के लिए फलटण सिविल अस्पताल की महिला डॉक्टर पर दबाव बनाया गया।
महिला डॉक्टर ने सुसाइड से पहले छोड़ा था 4 पेज का नोट
23 अक्टूबर को फलटण सिविल अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर ने शहर के एक होटल में सुसाइड कर लिया था। उन्होंने 4 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें एक सांसद, उसके दो पीए, और सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर गंभीर आरोप लगाए थे।
डॉक्टर ने लिखा था कि इन लोगों ने उन पर आरोपियों के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव डाला। इसके अलावा डॉक्टर की हथेली पर गोपाल बदने और प्रशांत बांगर के नाम भी लिखे मिले।
सुसाइड नोट में डॉक्टर ने यह भी बताया कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने ने पिछले पांच महीनों में चार बार रेप किया, जबकि प्रशांत बांगर (जो मकान मालिक का बेटा है) मेंटल हैरेसमेंट करता था और आत्महत्या के लिए उकसाता था।

