● सत्ता के दबाव में झूठी धाराएं जोड़ भेजा गया था जेल: परिवार
बिलासपुर (9/6/25)बेलतरा /सीपत के पूर्व विधायक श्री अरुण तिवारी को 4 जून को पुलिस द्वारा बिना पूर्व सूचना एवं नोटिस के रतनपुर स्थित फार्म हाउस से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह रोज की तरह ही बिलासपुर से लेबर लेकर अपनी खुली जीप में रतनपुर जाकर वहां निर्माण कार्य करवा रहे थे । प्रधानमंत्रि नरेंद्र मोदी की खिलाफत करने के जिस प्रकरण में गिरफ्तारी की गई थी उसमें पहले जमानती धाराओं में केस दर्ज किया गया था जो की 3 दिनों तक अखबारों में भी छापा गया किंतु गिरफ्तारी के पूर्व उसमें दो गैर जमाती धाराओं को और जोड़कर अरुण तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया । जिस पर सत्र न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई करते हुए पूर्व विधायक अरुण तिवारी को जमानत दे दी है।
परिवार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की सत्ता के दबाव में झूठी धाराएं जोड़ कर अरुण तिवारी को तोड़ने का प्रयास किया गया था किंतु हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा था। परिवार ने आगे कहा कि कुछ लोगों ने बदले की भावना से अरूण तिवारी के बेबाक और निर्भीक अंदाज़ का फायदा उठाते हुए उन्हें झूठे प्रकरण में फंसा कर जेल भेजा था, लेकिन सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नही।
कल मंगलकार को सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुऎ अरुण तिवारी जेल से बहार आएंगे। यह जानकारी परिवार ने विज्ञप्ति जारी कर दी ।
