गुड फ्राइडे : प्रभु यीशु के बलिदान से मिला जीवन का नया आशा
बिलासपुर
"पर वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कारण कुचला गया; हमारी शांति के लिए उस पर ताड़ना पड़ी, और उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो गए।"
(यशायाह 53:5)
गुड फ्राइडे के पावन अवसर पर शहर के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए गए महान बलिदान को याद करते हुए गहरी नमन अर्पित की।
सुबह से ही चर्चों में प्रभु के वचनों का पाठ, भजन, और प्रार्थनाओं का दौर चला। पादरियों ने बाइबल से यशायाह, यूहन्ना और मत्ती के सुसमाचारों से उद्धरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैसे यीशु ने समस्त मानव जाति के पापों का बोझ अपने ऊपर लेकर मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
"परन्तु यीशु ने ऊंचे स्वर से पुकार कर कहा, 'हे पिता! मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों सौंपता हूं।'"
(लूका 23:46)
गुड फ्राइडे का संदेश केवल दुःख का नहीं, बल्कि प्रेम, क्षमा और पुनरुत्थान की आशा का है। चर्चों में बच्चों ने प्रभु यीशु के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से छू लिया।
नगर में जगह-जगह मोमबत्तियों की रौशनी में श्रद्धांजलि दी गई। लोगों ने आत्म-विश्लेषण करते हुए जीवन में प्रेम, करुणा और क्षमा को अपनाने का संकल्प लिया।
"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।"
(यूहन्ना 3:16)
