किरर के आमीन नाला में विचरण कर रहे तीन हाथी, वन विभाग अलर्ट, रात में तोड़े मकान, बाल-बाल बचे दो परिवार
अनूपपुर, 20 अप्रैल।
पिछले 31 दिनों से अनूपपुर जिले के अनूपपुर, जैतहरी और राजेंद्रग्राम क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तीन हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है। दिनभर जंगल में रहने के बाद ये हाथी रात के अंधेरे में गांवों की ओर रुख करते हैं और खेतों व घरों में घुसकर तोड़फोड़ मचाते हैं। शनिवार को तीनों हाथी ग्राम पंचायत औढेरा के जंगलों से होते हुए किरर गांव के पास आमीन नाला क्षेत्र में विचरण करते देखे गए। वन विभाग की तीन गश्ती टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रही हैं।
गौरतलब है कि 20 मार्च को एक दांत वाला नर हाथी और 29 मार्च को दो अन्य नर हाथी छत्तीसगढ़ से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर चुके हैं। 5 अप्रैल से तीनों हाथी एक साथ विचरण कर रहे हैं। दिन में जंगल में छिपे रहने के बाद रात को 8-10 किलोमीटर तक का सफर तय कर ग्रामीण इलाकों में उत्पात मचाते हैं। वे खेतों, बाड़ियों और घरों में रखे अनाज को खाकर अपना पेट भरते हैं।
बीते तीन-चार दिनों में इन हाथियों की हरकतों ने वन विभाग और ग्रामीणों दोनों को परेशान कर रखा है। ग्रामीणों की भीड़ देखकर हाथी छिप जाते हैं और कुछ समय बाद नई दिशा में बढ़ जाते हैं, जिससे गश्ती दलों को भी चकमा दे रहे हैं। गुरुवार रात को गोबरी के जंगल से निकलकर ठेंगरहा, तिपान नदी और बेलियाकछरा गांव तक पहुंचे, वहीं शुक्रवार को बांका, कांसा, दुधमनिया, लखनपुर के जमुनिहा और पचड़ीपानी गांवों में घुसपैठ की।
शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को ग्राम बांका के कछराटोला और पचड़ीपानी में तीनों हाथियों ने मकानों पर हमला कर दिया, जिससे दो परिवारों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
वन विभाग के गश्ती दल, ग्राम पंचायतों के पदाधिकारी, सुरक्षा श्रमिक और ग्रामीण मिलकर हाथियों पर निगरानी रखे हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों को सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। शनिवार रात तीनों हाथी किस दिशा में जाएंगे, इसका पता रात गहराने के बाद ही चल सकेगा।
