जल संरक्षण की पहल: विश्व जल दिवस पर दुर्गाधारा में जागरूकता कार्यक्रम
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 22 मार्च 2025 – विश्व जल दिवस के अवसर पर जिले में जल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत ठाड़पथरा स्थित पर्यटन स्थल दुर्गाधारा में इस अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई।
कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाई और जल संवर्धन के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पानी केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
श्रमदान कर दिया जल स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामूहिक श्रमदान किया गया। दुर्गाधारा जल प्रपात की सफाई कर लोगों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। अधिकारियों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर श्रमदान किया और जल संरक्षण की महत्ता को दोहराया।
प्रशासन और ग्रामीणों की भागीदारी
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.पी. सोनवानी, सहायक अभियंता दिनेश सिंह एवं पी.एस. बघेल, जिला समन्वयक चंचल सिंह, अमित राठौर, ललिता वर्मा, साहिल जायसवाल, अंकित तिवारी, टेकेश्वर कन्नौजे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जल संकट से बचाव के लिए जल संरक्षण जरूरी
आज के समय में जल संकट एक गंभीर चुनौती बन चुका है। गिरते भूजल स्तर और प्रदूषित जल स्रोतों के कारण स्वच्छ पानी का अभाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जल संरक्षण केवल एक पहल नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हम जल संचयन, वर्षा जल संग्रहण और जल संसाधनों के उचित प्रबंधन पर ध्यान दें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
इस विश्व जल दिवस पर लिया गया संकल्प यही संदेश देता है कि "बूंद-बूंद पानी बचाना, आने वाले कल को सुरक्षित बनाना"।
