कलेक्टर के निर्देश पर लिपिक निलंबित, बीईओ को पद से हटाया गया
बिलासपुर। जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक मृत शिक्षक की शिक्षिका पत्नी से देय स्वत्वों के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने पर कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच के आदेश दिए, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) विजय टांडे को पद से हटा दिया गया, जबकि लिपिक एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया है।
शिकायत में हुआ खुलासा
विकासखंड कोटा के शासकीय प्राथमिक शाला औछिनपारा में पदस्थ सहायक शिक्षिका नीलम भारद्वाज ने 7 मार्च को कर्मचारी जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति स्व. पुष्कर भारद्वाज, जो शिक्षक थे, उनका निधन हो चुका है। पति के देय स्वत्वों के भुगतान के लिए जब उन्होंने कार्यालय से संपर्क किया, तो वहां के लिपिक एकादशी पोर्ते ने 1 लाख 24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अवनीश शरण ने 10 मार्च को हुई टीएल बैठक में मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। समिति ने 21 मार्च को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि बीईओ विजय टांडे और लिपिक एकादशी पोर्ते की मिलीभगत से भुगतान को रोककर रखा गया था और रिश्वत की मांग की गई थी।
दोषियों पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट में मामले की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने कलेक्टर के निर्देश पर लिपिक एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्राचार्य, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रतनपुर नियत किया गया है। वहीं, बीईओ विजय टांडे को पद से हटाकर प्राचार्य, शासकीय हाई स्कूल खुरदुर, विकासखंड कोटा के पद पर पदस्थ किया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्त प्रशासन
कलेक्टर अवनीश शरण ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रिश्वतखोरी जैसी अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन आम जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। शिक्षक संगठनों ने कलेक्टर के इस कदम की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। वहीं, मृत शिक्षक के परिवार को अब उनके हक का भुगतान जल्द मिलने की उम्मीद जगी है।
