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कृषि महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

 कृषि महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन

तेजी से बदलाव पर दिया गया जोर

बिलासपुर- कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका, सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. (श्रीमती) युष्मा साव ने महिलाओं की समाज में भूमिका और उनके सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "आज की महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, कृषि, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उनकी भागीदारी समाज को प्रगति की ओर ले जा रही है। महिलाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।"

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. एन.के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही समृद्ध समाज की नींव रखी जा सकती है। हमें लैंगिक समानता को बढ़ावा देना होगा ताकि महिलाएँ बिना किसी बाधा के अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकें।"

विशिष्ट अतिथि डॉ. खेमलता ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी समाज की रीढ़ होती है। उन्होंने कहा, "महिला दिवस केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि यह हमें हर दिन महिलाओं के अधिकारों और उनके योगदान को स्वीकार करने की प्रेरणा देता है।"

श्रीमती सुलक्षणा गुप्ता ने महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता और शिक्षा ही महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार है।

श्रीमती संगीता सिंह ने महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सहयोग से महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

छात्र-छात्राओं ने रखे अपने विचार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए। छात्राओं ने बताया कि किस प्रकार महिला सशक्तिकरण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण पर आधारित कविता पाठ, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं, जिससे माहौल प्रेरणादायक बन गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन वैज्ञानिक अजीत विलियम्स ने किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर चर्चा को सार्थक और प्रभावी बनाया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। अंत में, सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया और महिलाओं को प्रोत्साहित करने के इस प्रयास को जारी रखने का संकल्प लिया।

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