छंदशाला का षष्ठम स्थापना दिवस बेलगहना में हर्षोल्लास के साथ संपन्न
ढाई घंटे तक बही काव्य रसधार, श्रोताओं ने उठाया आनंद
बिलासपुर। बेलगहना स्थित श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम में छंदशाला के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर काव्य संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें साहित्य प्रेमियों ने रससिक्त काव्य रचनाओं का आनंद लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परम पूज्य श्री श्री 108 श्री शिवानंद महाराज, नगर पालिका परिषद, रतनपुर के अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप, और बेलगहना मंडल अध्यक्ष श्री राजू सिंह राजपूत थे। इस अवसर पर छंदशाला के दो रचनाकारों – सुषमा पाठक की कृति "राम बसे हर स्वर में मेरे" और कामना पांडेय की "शैल माधुरी भाग-2" का विमोचन किया गया। साथ ही, 'प्यारेलाल गुप्त सृजन पीठ, रतनपुर' और 'कविता चौपाटी, बिलासपुर' जैसी दो साहित्यिक संस्थाओं तथा साहित्यकार अवधेश भारत और दीनदयाल यादव को समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान और काव्य रस का अद्भुत संगम
स्थापना दिवस समारोह में पचास से अधिक साहित्यकारों, नगरवासियों और छंदशाला परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन बालमुकुंद श्रीवास ने किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सम्मान समारोह हुआ, जबकि द्वितीय सत्र में काव्यगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें एक से बढ़कर एक रचनाओं का पाठ हुआ।
काव्यगोष्ठी की अध्यक्षता राजेंद्र मौर्य ने की और मुख्य अतिथि रमेश सोनी रहे। विशिष्ट अतिथि मंतराम यादव, शैलेंद्र गुप्ता, विजय गुप्ता और रश्मि लता मिश्रा थीं। काव्य पाठ करने वालों में देवेन्द्र शर्मा पुष्प, सेवक राम कपूर नूर, ओमप्रकाश भट्ट, मनीषा भट्ट, गजानंद पात्रे, डी.डी. यादव, गीता नायक, डॉ. सुनीता मिश्रा, सुषमा पाठक, कामना पांडेय, एकता गुप्ता, रेणु बाजपेयी, अंजना चोबे, राजेश दुबे, प्रवेश भट्ट और महासिंह ठाकुर प्रमुख रहे।
सफल आयोजन में छंदशाला परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में छंदशाला की संयोजिका डॉ. सुनीता मिश्रा, सचिव सुषमा पाठक, कोषाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र गुप्ता, मार्गदर्शक ओमप्रकाश भट्ट, संगठन मंत्री अवधेश अग्रवाल और मीडिया मंत्री कामना पांडेय की अहम भूमिका रही।
इस साहित्यिक आयोजन में दामोदर मिश्रा, विजय पाठक, बाजपेयी, चौबे जी, श्रीमती दुबे, श्रीमती गुप्ता और श्रीमती मधु मौर्य सहित कई गणमान्य श्रोता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में ढाई घंटे तक चली काव्य रसधारा ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी ने इस आयोजन की सराहना की।
