हाजी अखलाक के नेतृत्व में 80 लोगों का जत्था उमराह व जियारत के लिए होगा रवाना
देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ करेंगे जायरीन
कोरबा, 29 मार्च 2025 – कोरबा शहर से पहली बार 80 लोगों का बड़ा जत्था उमराह व जियारत के पवित्र सफर के लिए 1 अप्रैल को रवाना होगा। सुन्नी मुस्लिम जमात के सदर हाजी अखलाक खान असरफी ने बताया कि यह कोरबा के लिए हर्ष की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं।
भव्य स्वागत की जाएगी विदाई
जामा मस्जिद कोरबा में जायरीनों के स्वागत (इस्तेकबाल) का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, इस जत्थे का स्वागत पंतोरा, बलौदा और खमरिया में भी किया जाएगा। यात्रा के दौरान दरगाह लुतरा शरीफ में बाबा साहब के आस्ताने पर चादरपोशी कर विशेष दुआ की जाएगी। इसके बाद जत्था उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचेगा, जहां भी भव्य स्वागत किया जाएगा।
सड़क से फ्लाइट तक का सफर
उसलापुर से यह काफिला हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली पहुंचेगा और फिर वहां से फ्लाइट द्वारा बगदाद शरीफ के लिए रवाना होगा।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
- बगदाद शरीफ – 4 दिन
- कर्बला शरीफ – 3 दिन
- नजफ असरफ – 2 दिन
- मक्का शरीफ – 8 दिन
- मदीना शरीफ – 10 दिन
29 अप्रैल को होगी वापसी
करीब 28 दिनों के इस पवित्र सफर के बाद जत्था 29 अप्रैल को भारत वापस लौटेगा। इस यात्रा को लेकर सभी जायरीनों में भारी उत्साह है और इसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
धार्मिक विद्वानों की अगुवाई में होगा जत्था
इस पूरे काफिले की सदारत अल्हाज राशिद मक्की मियां कछौछा शरीफ करेंगे, जबकि सुन्नी मुस्लिम जमात के सरपरस्त कारी सैय्यद सब्बीर अहमद असरफी एवं जामा मस्जिद के इमाम जकी आलम साहब भी इस यात्रा का मार्गदर्शन करेंगे।
अमन, शांति और भाईचारे की होगी विशेष दुआ
इस यात्रा के दौरान देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और समृद्धि के लिए विशेष दुआ की जाएगी। इस ऐतिहासिक जत्थे की यात्रा को लेकर कोरबा के मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
