महामाया कुंड में 30 मृत कछुए मिलने से हड़कंप, ट्रस्ट और प्रशासन की सुरक्षा पर उठे सवाल
रतनपुर, बिलासपुर – ऐतिहासिक महामाया मंदिर के समीप स्थित महामाया कुंड में मंगलवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कुंड के किनारे करीब 30 मृत कछुए जाल में फंसे पाए गए। इस घटना ने मंदिर ट्रस्ट, स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नवरात्रि पर्व से ठीक पहले हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इसे ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक बताया है। ज्ञात हो कि महामाया कुंड में नहाने, कपड़े धोने और मछली पकड़ने पर सख्त प्रतिबंध है। बावजूद इसके, अज्ञात तत्वों ने कुंड में जाल डालकर मछली पकड़ने की कोशिश की या किसी अन्य कारण से जाल लगाया, जिससे कछुए फंसकर मर गए।
सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे घटना के दौरान बंद पाए गए, जिससे सुरक्षा में लापरवाही का स्पष्ट संकेत मिलता है। सवाल उठ रहे हैं कि –
- मंदिर प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कुंड में जाल कैसे डाला गया?
- तैनात सुरक्षाकर्मी इसे रोकने में नाकाम क्यों रहे?
- वन विभाग को कुंड में इतने कछुए होने की जानकारी क्यों नहीं थी?
स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई है और ट्रस्ट से जवाब मांगा है।
वन विभाग की निष्क्रियता उजागर
रतनपुर के तालाबों में बड़ी संख्या में कछुए पाए जाते हैं, जिन्हें अक्सर लोग महामाया कुंड में छोड़ जाते हैं। बिना प्राकृतिक आवास के ये कछुए ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रह पाते। अब सवाल उठ रहा है कि क्या वन विभाग इस पर पहले से निगरानी रख रहा था? अगर नहीं, तो इतनी बड़ी संख्या में कछुओं की मौत उनकी लापरवाही को दर्शाती है।
जांच शुरू, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। मंदिर प्रशासन भी अब सख्त कदम उठाने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की गहराई से जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और क्या मंदिर ट्रस्ट अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर पाता है या नहीं।
