कृषक संगोष्ठी एवं गेहूं दिवस का आयोजन, 250 से अधिक किसानों ने लिया लाभ
बिलासपुर। अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना के तहत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सरकंडा, बिलासपुर द्वारा ग्राम भोथिया, विकासखंड जैजैपुर, जिला सक्ती में कृषक संगोष्ठी एवं गेहूं दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत गेहूं उत्पादन तकनीकों का प्रचार-प्रसार और किसानों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कृषि में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
मुख्य अतिथि एवं आयोजन की अध्यक्षता
इस संगोष्ठी में श्रीमती जानकी सत्यनारायण चंद्रा, सदस्य, प्रबंध मंडल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर मुख्य अतिथि रहीं, जबकि डॉ. एन.के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने अध्यक्षता की। डॉ. दिनेश पांडे, प्रमुख अन्वेषक (सस्य विज्ञान) के निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
गेहूं की उन्नतशील प्रजातियों का प्रदर्शन
अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत भोथिया, चिखल रोंदा और केकरामाट के 35 चयनित कृषकों के खेतों में 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उन्नत गेहूं प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया। इसमें सीजी 1036 (विद्या), सीजी 1029 (कनिष्का), एचआई 8777 और जीडब्ल्यू 451 जैसी उच्च उत्पादकता वाली किस्मों को शामिल किया गया, जिन्हें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने विकसित किया है।
वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन
तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिकों ने उन्नत गेहूं उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने धान के बाद गेहूं उत्पादन को बढ़ावा देने और अन्य रबी फसलों के विस्तार पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि श्रीमती जानकी चंद्रा ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उच्च उत्पादकता प्राप्त करने की सलाह दी। वहीं, डॉ. एन.के. चौरे ने छत्तीसगढ़ में गेहूं उत्पादन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए किसानों को ‘डॉक्टर मोबाइल एप’ के जरिए कृषि समस्याओं के समाधान की जानकारी दी।
कृषक परिचर्चा एवं समस्याओं का समाधान
कृषकों की परिचर्चा में फसलों को चूहों से बचाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने प्रभावी और व्यावहारिक नियंत्रण तकनीकों की जानकारी दी, जिससे किसान अपनी फसलों को नुकसान से बचा सकें।
कृषि उपकरणों का वितरण
इस अवसर पर 25 किसानों को कृषि आदान एवं बैटरीचालित स्प्रेयर वितरित किए गए, जिससे वे अपनी कृषि गतिविधियों को और अधिक कुशल बना सकें।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
इस आयोजन में 250 से अधिक किसान उपस्थित रहे। प्रमुख अतिथियों में कृषि विभाग के अधिकारी श्री एन.आर. कोसले, श्री टी.आर. साहू, श्री प्रवीण यादव, ग्राम जनप्रतिनिधि श्री सीताराम चंद्रा, सरपंच श्री मनहरण लाल बर्मन और वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. आर.के. शुक्ला विशेष रूप से शामिल हुए।
आभार एवं समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिनेश पांडे ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों और किसानों का आभार व्यक्त करते हुए संगोष्ठी के सफल आयोजन की घोषणा की। इस आयोजन से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी मिली और वे आधुनिक गेहूं उत्पादन के लिए प्रेरित हुए।
