स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने गहरी चिंता उत्पन्न करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए रखी मांग
पेण्ड्रा। जिले में स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने गहरी चिंता उत्पन्न करते हुए बिजली विभाग के अधिकारीयो को ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी गई है। जिसमें इकबाल सिंह, वार्ड नंबर 14 के स्थानीय पार्षद ने कहा कि "यह कदम सरकार की 'एक पेड़ माँ के नाम' जैसी पर्यावरणीय संरक्षण पहलों के खिलाफ है, जो वृक्षारोपण और हरियाली को बढ़ावा देती हैं। विभाग को सतत और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने चाहिए और इन पेड़ों को बचाना चाहिए।" वहीं राकेश जालान ने कहा कि निवासियों ने पेड़ों की कटाई के गंभीर परिणामों की ओर भी ध्यान दिलाया है, जिनमें पर्यावरणीय संतुलन का नुकसान, प्राकृतिक सौंदर्य का ह्रास और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव शामिल हैं। वे अधिकारियों से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और पेड़ों की कटाई के बजाय केबल वायर इंस्टॉलेशन जैसे ईको-फ्रेंडली उपायों को प्राथमिकता देने की अपील कर रहे हैं। वहीं इस संबंध में इकबाल सिंह, राकेश जालान ने बिजली विभाग के अधिकारीयो को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यालय में मैडम लकरा को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने गहरी चिंता उत्पन्न करते हुए कहा गया है कि पेंड्रा मरवाही सड़क मार्ग जो अपनी हरी-भरी छटा और छायादार पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है, एक बार फिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता खोने के खतरे में है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत बोर्ड ने बिजली लाइनों के विस्तार के नाम पर इस मार्ग के किनारे पेड़ों की कटाई शुरू करने का निर्णय लिया है। वहीं पहले भी एक विस्तार परियोजना के दौरान, विभाग ने पेड़ों को बचाने के लिए केबल तारों का उपयोग किया था। लेकिन इस बार, विभाग ने कहा है कि "केबल तारों का उपयोग करने का कोई प्रावधान नहीं है" और इसके बजाय पेड़ों की शाखाओं या बड़े हिस्सों को काटने का निर्णय लिया है। ये शाखाएँ न केवल सड़क की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती हैं बल्कि राहगीरों और यात्रियों के लिए छाया और सुखद वातावरण प्रदान करती हैं। "यह बेहद चिंताजनक है कि इस बार केबल वायर जैसे विकल्पों पर विचार नहीं किया जा रहा, जबकि यह पहले प्रभावी साबित हुआ है।
