रतनपुर- समीपस्थ गांव मेलनाडीह में राष्ट्रीय कवि संगम इकाई बिलासपुर एवं मेलनाडीह-खूंटाघाट साहित्य मंडल के तत्वावधान में एक कवि सम्मेलन व काव्य संग्रह का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में कृतिकार रामेश्वर शाण्डिल्य की तीन काव्यकृतियों "सीप के मोती,बच्चों की महफ़िल, हमर गांव"का विमोचन मंचासीन प्रमुख अभ्यागत- डा राघवेन्द्र दुबे-प्रांताध्यक्ष तुलसी साहित्य अकादमी, अध्यक्षता -काशी प्रसाद साहू(राष्ट्रपति पुरस्कृत-कलाकार), विशिष्ट अभ्यागत -अंजनी कुमार'
सुधाकर'-अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि संगम इकाई बिलासपुर, दिनेश तिवारी
-वरिष्ठ साहित्यकार,हीरा सिंह चाहिल-वरि साहित्यकार, अशोक कुमार शर्मा-वरि साहित्यकार के कर कमलों से संपन्न हुआ। माँ सरस्वती के तेल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन किया गया. अतिथियों का परम्परा अनुसार पगड़ी बांध कर, शाल श्रीफल प्रदानकर स्वागत किया.
इस अवसर पर प्रथम अध्यक्ष-
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी को उनकी अंठान्यवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई तथा छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।
रतनपुर तीर्थ व पुरातात्विक स्थल दर्शन की सूचना फलक उसलापुर व बिलासपुर रेल्वे प्लेटफार्म पर लगाने का सुझाव रखा गया।
कार्यक्रम में विमोचित श्री शाण्डिल्य की तीनों कृतियों की समीक्षा पाठन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार अंजनी कुमार तिवारी'सुधाकर'ने कृतियों की सामाजिक रचनाधर्मिता एवं उपादेयता पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्हें श्रेष्ठ कृति निरुपित किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ.दुबे द्वारा साहित्य के माध्यम से युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने मार्गदर्शी विचार रखे।
अध्यक्षता की आसंदी से श्री साहू
लोक कला व गीतों पर अपने अनुभव रखे। वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश पाण्डेय ने कहा -- सांडिल्य सर की तीन काव्य कृतियों का एक साथ विमोचन इस क्षेत्र के लिए बडी गौरव की बात है. इससे नये लोगों को साहित्य के प्रति रूचि बढ़ेगी.
कार्यक्रम का द्वितीय खंड लोक भाषा एवम् हिंदी में प्रतिनिधि कविताओं के माध्यम से विविध काव्य विधाओं में प्रस्तुति दी गई जिनमें प्रमुख रचनाकार प्रमोद कश्यप,रविन्द्र सोनी,बलराम पाण्डेय,दोस्त कुमार दुबे,रामानंद यादव,दिनेश तिवारी,शीतल पाटनवर,दिनेश पाण्डेय, गया प्रसाद साहू,रामेश्वर शांडिल्य, डॉ.अंकुर शुक्ला,शत्रुहण जसवानी, अशोक शर्मा ,हीरा सिंह चाहिल ,काशीराम साहू , डॉ.राघवेंद्र दुबे,अंजनी कुमार सुधाकर ने अपनी अपनी रस भरी कविताओं से श्रोताओं को बांधे रखा.
पत्रकार गुरुदेव सोनी एवं विजय
दानिकर की महत्वपूर्ण उपस्थिति के साथ श्रोता दीर्घा में शोभा चाहिल, लक्ष्मी शांडिल्य,भोला प्रधान, शांति बाई, संजना यादव, रश्मि,अंशुल जगत,
आर्यव जगत, रविन्द्र सोनी,रूप सिंह राज,स्वरूप सिंह मरावी,बबला प्रजापति,
रामनाथ,प्रताप नेताम,ओमप्रकाश प्रधान,पुरुषोत्तम सिंह,शांति बाई,संजना यादव,रश्मि, सागर चौहान और ग्रामीण जनों के साथ बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सभी सहभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक दिनेश पाण्डेय व आभार प्रदर्शन वरिष्ठ साहित्यकार बलराम पाण्डेय ने किया।
