छात्र प्रेरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ के चौथे दिन नवप्रवेशी विद्यार्थियों को छात्रावास, उद्यानिकी, साइबर सुरक्षा, योग एवं पुस्तकालय सुविधाओं की दी गई जानकारी
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित छात्र प्रेरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2026’ के चौथे दिन विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन, उपलब्ध शैक्षणिक एवं छात्र कल्याण सुविधाओं, करियर की संभावनाओं, डिजिटल सुरक्षा तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ. यशपाल सिंह निराला, सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान) एवं छात्रावास अधीक्षक, ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में उपलब्ध छात्रावास सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रावास में प्रवेश की प्रक्रिया, आवासीय सुविधाओं, अनुशासन, समय-सारणी, स्वच्छता, अध्ययन के अनुकूल वातावरण तथा छात्रावास से संबंधित आवश्यक नियमों एवं दायित्वों के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन एवं आपसी सहयोग की भावना के साथ छात्रावास जीवन को सीखने और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण अवसर बनाने का आह्वान किया।
इसके पश्चात डॉ. (श्रीमती) चेतना, सहायक प्राध्यापक (उद्यान विज्ञान) ने ‘उद्यानिकी के क्षेत्र में कैरियर मार्गदर्शन एवं संभावनाएं’ विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने उद्यानिकी के विभिन्न क्षेत्रों—फल, सब्जी, पुष्प, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, संरक्षित खेती, नर्सरी प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता—में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते कृषि परिदृश्य में उद्यानिकी की बढ़ती भूमिका तथा उच्च शिक्षा, अनुसंधान, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराया।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे ने विद्यार्थियों को ‘साइबर सुरक्षा : महत्व, उपाय एवं आवश्यकता’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में मोबाइल फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग एवं विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण, संदिग्ध लिंक एवं संदेशों से सावधानी, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का जिम्मेदारी एवं सजगता के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
योग एवं ध्यान से स्वस्थ जीवन का संदेश
भोजन अवकाश के पश्चात आयोजित सत्र में डॉ. के.के. श्रीवास्तव, होम्योपैथिक चिकित्सक एवं योग प्रशिक्षक, पतंजलि योगपीठ, बिलासपुर ने ‘स्वस्थ जीवन का आधार : योग एवं मेडिटेशन’ विषय पर रोचक एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं भावनात्मक संतुलन के लिए योग और ध्यान के महत्व को समझाया। उन्होंने नियमित योगाभ्यास एवं ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन को सफल विद्यार्थी जीवन की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया।
पुस्तकालय भ्रमण से विद्यार्थियों को मिला अध्ययन संसाधनों का परिचय
कार्यक्रम के अगले चरण में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय के पुस्तकालय का भ्रमण एवं अवलोकन कराया गया। विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकों, संदर्भ ग्रंथों, शोध एवं अध्ययन सामग्री तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दी गई। उन्हें पुस्तकालय के उपयोग, पुस्तक निर्गमन एवं वापसी की प्रक्रिया तथा नियमित अध्ययन के लिए पुस्तकालय की उपयोगिता से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि महाविद्यालयीन शिक्षा में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ स्व-अध्ययन एवं संदर्भ सामग्री का उपयोग ज्ञान के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
‘दीक्षारंभ-2026’ के चौथे दिन आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन अनुशासन एवं सुविधाओं से लेकर करियर निर्माण, डिजिटल सुरक्षा, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य तथा अध्ययन संसाधनों तक विविध आयामों की जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सत्रों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी को अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए उपयोगी बताया।
