बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम रामनगर कछार, विकासखंड बिल्हा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन सोमवार, 30 मार्च 2026 को विविध जनजागरूकता एवं शिक्षाप्रद गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सत्र में स्वयंसेवकों द्वारा योगासन एवं प्राणायाम के अभ्यास के साथ हुई। इस दौरान स्वयंसेवकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया गया तथा नियमित योग को जीवनशैली में शामिल करने हेतु प्रेरित किया गया।
द्वितीय सत्र में स्वयंसेवकों ने ग्राम कछार के प्रगतिशील कृषक श्री स्वप्निल अग्रवाल से भेंट की। इस अवसर पर कृषक अग्रवाल ने पारंपरिक कृषि ज्ञान के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित पारंपरिक तकनीकें न केवल पर्यावरण के अनुकूल होती हैं, बल्कि कम लागत में बेहतर उत्पादन देने में भी सहायक होती हैं। स्वयंसेवकों ने खेती की उन्नत विधियों, फसल विविधीकरण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी भी प्राप्त की।
भोजन अवकाश के पश्चात तृतीय सत्र में स्वयंसेवकों द्वारा “नशे को ना, जिंदगी को हां” विषय पर ग्राम कछार में एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। नाटक की प्रस्तुति ने ग्रामीणों का मन मोह लिया तथा उपस्थित जनसमूह ने इसे सराहा।
इसके पश्चात बौद्धिक चर्चा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों, नशामुक्ति, स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। स्वयंसेवकों ने अपने विचार साझा करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स द्वारा जानकारी दी गई कि सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह ग्राम रामनगर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्राम की सरपंच श्रीमती काजल भोई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे द्वारा की जाएगी।
इस प्रकार शिविर का छठवां दिन ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं समाजोपयोगी गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
