नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दो दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंच रहे हैं। कुछ ही घंटों में उनका विशेष विमान नई दिल्ली में लैंड करेगा। पुतिन की इस यात्रा पर न सिर्फ भारत और रूस, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह दौरा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के महत्वपूर्ण अवसर पर हो रहा है।
राष्ट्रपति पुतिन 4 और 5 दिसंबर को होने वाले इस दौरे के दौरान भारत-रूस के 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान, अंतरिक्ष और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते भी हो सकते हैं।
दिल्ली में पुतिन के लिए स्पेशल हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनकी मूवमेंट के दौरान विशेष रूट तैयार किया गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पुतिन के साथ रूस का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ रहा है, जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों के साथ वार्ता करेगा।
भारत और रूस दशकों से एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार रहे हैं। ऐसे में पुतिन की यह यात्रा वैश्विक भू-राजनीति के मौजूदा दौर में और भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।

