राजनांदगांव। एमएमसी जोन में सक्रिय बचे हुए शीर्ष नक्सल नेताओं की तलाश के लिए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सुरक्षा बलों ने बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। यह अभियान कवर्धा–बालाघाट (केबी) और साल्हेवारा–बैहर के घने जंगलों में चलाया जा रहा है। दो दिन पहले इसी जोन के दर्रेकसा दलम से जुड़े एसजेडसी सदस्य विकास नगपुरे ने अपने 11 साथियों के साथ महाराष्ट्र के गोंदिया में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में गतिविधियों को और तेज कर दिया है।
आत्मसमर्पण के बाद बढ़ी गतिविधियां
विकास नगपुरे के हथियार डालने को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद यह संकेत मिले हैं कि संगठन अंदरूनी दबाव में है और कई नक्सली आत्मसमर्पण पर विचार कर रहे हैं। इसी संभावना को देखते हुए सुरक्षा बल न सिर्फ जंगलों की सघन तलाशी ले रहे हैं, बल्कि नक्सलियों को मुख्यधारा में वापसी के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
दो राज्यों की फोर्स मिलकर चला रही कार्रवाई
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की फोर्स का यह संयुक्त अभियान एमएमसी जोन की नक्सली गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों राज्यों की विशेष टुकड़ियां—
कवर्धा, बालाघाट, साल्हेवारा और बैहर के जंगलों में
संयुक्त रूप से सर्चिंग के लिए उतरी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कई शीर्ष नक्सली इसी क्षेत्र में छिपने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की कोशिश है कि वे बिना मुठभेड़ के नक्सलियों को समर्पण की राह पर लाएं।

