नई दिल्ली। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सा’आर ने भारत की खुलकर सराहना की है। उन्होंने भारत को एक “वैश्विक महाशक्ति (Global Superpower)” बताते हुए कहा कि आज भारत और इजरायल के बीच संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं। ये संबंध केवल रक्षा और नवाचार (Innovation) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आतंकवाद विरोधी अभियानों से लेकर आर्थिक सहयोग और वैश्विक शांति प्रयासों तक फैले हुए हैं।
एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में सा’आर ने कहा,
“हम लगातार सुधार कर रहे हैं और भारत की दोस्ती के लिए आभारी हैं। हम रक्षा, कृषि और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारे अंदर इन संबंधों को और मजबूत करने का जुनून है।”
पीएम मोदी की भूमिका की तारीफ
हमास द्वारा 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया की प्रशंसा करते हुए सा’आर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले विश्व नेता थे जिन्होंने संकट के समय प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन कर समर्थन दिया।
“भारत उस कठिन घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहा, और हम इसे कभी नहीं भूलेंगे,” उन्होंने कहा।
गाजा शांति प्रक्रिया और भारत की भूमिका
गाजा शांति प्रक्रिया पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप शांति योजना ही एकमात्र व्यवहारिक विकल्प है। भारत जैसे विश्व नेता इस प्रक्रिया को सही दिशा में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई
सा’आर ने कहा कि भारत और इजरायल आतंकवाद के समान दर्द को साझा करते हैं।
“भारत के लोग आतंकवाद की भयावहता को अच्छी तरह जानते हैं। हम लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को आतंकवादी मानते हैं और खुफिया जानकारी, तकनीकी सहयोग तथा रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
आर्थिक सहयोग और कनेक्टिविटी परियोजनाएं
इजरायल के विदेश मंत्री ने कहा कि इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) जैसी परियोजनाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में काम जारी है। युद्ध के कारण इसमें अस्थायी रुकावट आई थी, लेकिन अब इजरायल और भारत आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने भारत-इजरायल के बीच सीधी उड़ानें (Direct Flights) दोबारा शुरू करने की भी जरूरत बताई, ताकि पर्यटन, व्यापार और श्रमिकों की आवाजाही को बढ़ावा मिल सके।

