अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में धार्मिक आस्था और सेवा के महत्व को देखते हुए श्रीराम राष्ट्रीय सेवा ट्रस्ट ने भगवान शिव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है। 21 फीट ऊंचे अधिष्ठान को मिलाकर यह प्रतिमा कुल 129 फीट ऊंची होगी। यह भव्य प्रतिमा सीमेंट और फाइबर से निर्मित होगी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर मौनी बंगला के पास विष्णुपुरम में स्थापित की जाएगी।
परियोजना का उद्देश्य
ट्रस्ट के संरक्षक राजकुमारदास ने बताया कि यह परियोजना श्रीराम और शिव की अभिन्नता को दर्शाने के लिए तैयार की गई है। उनका कहना है कि राम और शिव की परस्पर उपासना और भक्तिमय संबंध को इस भव्य प्रतिमा एवं परिसर के माध्यम से दर्शाना सभी श्रद्धालुओं के लिए आनंददायक होगा।
आधारशिला समारोह
कार्तिक पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त में ट्रस्ट के अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथियों ने इस परियोजना की आधारशिला रखी। इस अवसर पर प्रख्यात शास्त्रज्ञ आचार्य रघुनाथ त्रिपाठी, गोवर्धननिवास के महंत मनमोहनदास, ट्रस्ट के मुख्य अध्यक्ष ब्रजेंद्र गुप्त, अध्यक्ष सत्यनारायण मित्तल, महामंत्री बालकृष्ण अग्रवाल और कोषाध्यक्ष धर्मपाल गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रामशिवधाम का भव्य निर्माण
ट्रस्ट ने बताया कि 30,000 वर्ग फीट भूक्षेत्र में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा सहित श्रीरामशिवधाम विकसित किया जाएगा। परिसर के केंद्र में चांदी से निर्मित रामदरबार स्थापित होगा, जिसमें सिंहासन और गर्भगृह के कपाट भी चांदी के होंगे।
इस परिसर में:
-
शिव की विशाल प्रतिमा
-
12 शिवलिंग
-
चारधाम स्थल
-
चिकित्सालय, वृद्धाश्रम एवं मोबाइल डिस्पेंसरी
इसके लिए ट्रस्ट ने 17,500 वर्ग गज भूमि अलग से सुरक्षित की है।
राजकुमारदास ने दी धार्मिक व सामाजिक प्रेरणा
राजकुमारदास ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यह परियोजना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगी, बल्कि परोपकार और सेवा का प्रभावी प्रकल्प भी प्रस्तुत करेगी। उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि रामशिवधाम के माध्यम से ठाकुरजी के प्रति श्रद्धा और मानवता की सेवा की भावना गहरी होगी।

