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सफलता के नए सोपान गढ़ रहा राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला

सफलता के नए सोपान गढ़ रहा राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला

कृषि महाविद्यालय बिलासपुर की उल्लेखनीय उपलब्धि

बिलासपुर, 4 जुलाई 2025 – बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के अंतर्गत चोरभट्टी स्थित राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जैविक उत्पादों की विक्रय से उल्लेखनीय आर्थिक उपलब्धि दर्ज करते हुए ₹15 लाख की राशि विश्वविद्यालय को लाभांश स्वरूप प्रदान की है। यह धनादेश अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भेंट किया गया।

इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, डॉ. आर.के.एस. तोमर, प्राध्यापक (कीट विज्ञान), डॉ. संजय कुमार वर्मा, प्राध्यापक (उद्यानिकी) एवं डॉ. विनोद कुमार निर्मलकर, वैज्ञानिक (पादप रोग विज्ञान) उपस्थित रहे।

कुलपति डॉ. चंदेल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर अधिष्ठाता सहित समस्त वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरक कदम बताया।

प्राकृतिक खेती को दे रहा है बढ़ावा

राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि में कीटों एवं रोगों के नियंत्रण हेतु जैविक नियंत्रण एजेंटों का उत्पादन करना है। यह उत्पाद समेकित कीट प्रबंधन के अंतर्गत किसानों के लिए पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं।

लाभांश में उल्लेखनीय वृद्धि

प्रयोगशाला द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को कुल ₹50 लाख का लाभांश प्रदान किया जा चुका है, जो इसकी उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता की स्पष्ट पुष्टि करता है। यह उपलब्धि कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर की नवाचारशीलता, तकनीकी दक्षता और सतत परिश्रम का प्रतिफल है।

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