🛣️ पहली बारिश में ही फेल हुआ 311 करोड़ का नेशनल हाईवे निर्माण!
तेंदूभाठा। निर्माण की गुणवत्ता और प्रक्रिया में बरती गई लापरवाही की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग-45 की सड़क पहली ही बारिश में दरकने लगी है। जगह-जगह बड़ी दरारें उभर आई हैं, जो अब न्याय की गुहार लगाने लगी हैं।
⚠️ सड़क नहीं छलावा!
311 करोड़ रुपए की लागत से 77 किमी लंबे रतनपुर–केंदा–केवची मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में नियमों को ताक पर रखकर की गई मनमानी अब उजागर हो रही है। खैरा, पोंड़ी, सिलाई मोड़ जैसे स्थानों पर सड़क पहली बारिश ही नहीं सह पाई और दरकने लगी।
🛑 मुड़ानार मोड़ पर सड़क फटी, मिट्टी बह गई!
खैर–चपोरा के मध्य मुड़ानार मोड़ पर सड़क में गहरी दरारें आ गई हैं। आवागमन शुरू होने से पहले ही मिट्टी का कटाव, उखड़ती सड़कों की तस्वीर भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है।
💣 गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
जहां-जहां पुल-पुलिया का निर्माण हुआ, वहां की सड़कें धस गई हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर बने गड्ढे और धसकती मिट्टी आने वाले समय में दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही हैं।
🗣️ हरिशंकर यादव (जनपद सदस्य प्रतिनिधि, चपोरा)
"नेशनल हाईवे मार्ग में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क में दरार और उखड़ने जैसी शिकायतें मिली हैं, जिनकी शिकायत मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों से की जाएगी।"
🗣️ यासीन खान (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, रतनपुर ग्रामीण)
"रोड की हालत बेहद खराब है। जहां पुल बन रहे हैं वहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, जिससे मार्ग बाधित हो रही है। सड़कें धंसने लगी हैं, जिला कलेक्टर से शिकायत की जाएगी।"
📢 अब कार्रवाई की दरकार
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में आम जनता को ऐसी दुर्दशा भरी सड़कें ना झेलनी पड़ें।
🔴 खराब निर्माण = जनता के साथ धोखा!
🟢 अब जरूरी है पारदर्शिता और जवाबदेही!
