गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 17 मई 2025।
भारत सरकार के "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और भारतीय सशस्त्र बलों की सफलता का उत्सव मनाते हुए जिले भर में जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मरवाही जनपद के ग्राम पंचायत सिवनी से प्रारंभ हुई और देशभक्ति के नारों "वंदे मातरम्" व "भारत माता की जय" के गूंजते उद्घोष के बीच संपन्न हुई।
तिरंगा यात्रा का आयोजन ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से शुरू होकर डॉ. भंवर सिंह चौक, तिराहा मोड़ और बस्ती क्षेत्र होते हुए पंचायत भवन में समापन तक लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्वक किया गया।
इस यात्रा में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, गणमान्य नागरिक, समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी हाथों में तिरंगा, बैनर और स्लोगन लिए हुए थे जिन पर लिखा था:
"नागरिक सेना के साथ हैं",
"ऑपरेशन सिंदूर: भारत की विजय",
"राष्ट्र सर्वोपरि"।
तिरंगा यात्रा के बाद पंचायत भवन में आयोजित सभा को विधायक ने संबोधित करते हुए कहा,
“हमारा तिरंगा लाखों शहीदों की कुर्बानी का प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर भारत की निर्णायक रणनीति और हमारी सेना की वीरता का परिचायक है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों के जवाब में यह कार्यवाही आवश्यक थी, जिसे भारत ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।”
विधायक ने देश की सुरक्षा में लगे जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कारगिल विजय दिवस का भी उल्लेख किया और बताया कि यह तिरंगा यात्रा भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा को पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य ने भी संबोधित किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, राष्ट्र की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, एसडीएम प्रफुल्ल रजक, डिप्टी कलेक्टर अमित बेक, पुलिस अधिकारी दीपक मिश्रा, रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र कुर्रे, जनपद सीईओ विनय कुमार सागर, प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
यह तिरंगा यात्रा न केवल भारत की सैन्य ताकत और संप्रभुता का उत्सव थी, बल्कि देश की जनता की सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता और सम्मान का प्रतीक भी बनी।
