डालाडीह और अकुआ के जंगल में तीन हाथियों का डेरा, ग्रामीणों में दहशत
अनूपपुर, 14 अप्रैल।
डालाडीह एवं अकुआ के जंगलों में बीते दो दिनों से तीन हाथियों का दल लगातार डेरा डाले हुए है, जिससे आसपास के ग्रामीण अंचलों में भय का माहौल बना हुआ है। ये हाथी दिनभर जंगल में विश्राम करते हैं और रात होते ही भोजन की तलाश में ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
रविवार की रात तीनों हाथियों ने ग्राम पंचायत बैहार के डालाडीह टोला में एक झोपड़ी नुमा घर पर धावा बोल दिया। मंगलू पिता फगनू बैगा के घर में घुसकर हाथियों ने भीतर रखा धान खा लिया और वहां तोड़फोड़ की। इसके बाद दल रात में ही ग्राम पंचायत औढेरा के अकुआ गांव पहुंचा और रामसेवक यादव के बाड़ी में लगे केले के पेड़ों को चट कर गया।
हाथियों का यह दल बीते कई दिनों से छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर वन परिक्षेत्र के जंगलों में डेरा जमाए हुए है। दिन में ये गोबरी, ठेगरहा, बांका, मैरटोला और लखनपुर जैसे जंगलों में विश्राम करते हैं और रात में ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर फसल और अनाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वन विभाग ने हाथियों की निगरानी के लिए तीन अलग-अलग गश्ती दल गठित किए हैं। साथ ही संभावित विचरण क्षेत्रों के गांवों में मुनादी व अन्य माध्यमों से लोगों को सतर्क किया जा रहा है। हाथियों की गतिविधियों को लेकर वन विभाग पूरी तरह सक्रिय है, परंतु हाथी चकमा देकर जंगलों में कई घंटे छिपे रहते हैं और फिर अचानक ग्रामीण इलाकों में पहुंच जाते हैं।
शनिवार और रविवार की रात भी हाथियों ने वन विभाग की निगरानी टीमों और बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीणों को चकमा देकर अपना रास्ता बदला और नुकसान पहुंचाया। फिलहाल सोमवार सुबह ये दल अकुआ गांव से लगे जंगल में विश्राम कर रहा है, लेकिन यह कहना मुश्किल है कि देर रात को वे किस दिशा में विचरण करेंगे।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी हाथी की हलचल की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
