रिश्वतखोरी के खिलाफ कलेक्टर की सख्ती, पीड़िता शिक्षिका को मिला न्याय
बिलासपुर/रतनपुर। कोटा विकासखंड की शिक्षिका नीलम भारद्वाज को उनके शिक्षक पति के स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने का मामला सामने आया था। शिक्षिका ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में आरोप सही पाए गए। इसमें बीईओ विजय टाण्डेय और लिपिक एकादशी पोर्ते की संलिप्तता उजागर हुई, जिन्होंने बिना रिश्वत लिए स्वत्वों का भुगतान नहीं करने की साजिश रची थी। जानबूझकर शिक्षिका को परेशान किया जा रहा था।
कार्रवाई:
- बीईओ विजय टाण्डेय को तत्काल पद से हटा दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
- सहायक वर्ग-2 एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया।
नवपदस्थ बीईओ ने किया त्वरित समाधान, पीड़िता को मिला हक
सोमवार को कोटा विकासखंड के नवपदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद वे माँ महामाया मंदिर में दर्शन करने रतनपुर पहुँचे। इसके बाद वे स्थानीय कन्या संकुल शाला पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़िता नीलम भारद्वाज को उनके शिक्षक पति के 4 लाख 28 हजार रुपये के स्वत्वों का चेक सौंपा।
इस त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को न्याय मिला और प्रशासनिक सख्ती से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को दंडित किया गया। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन की प्रतिबद्धता भी उजागर हुई।
