प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण पर दिया जोर, विश्व वन्यजीव दिवस पर विशेष संदेश
नई दिल्ली, 3 मार्च – विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध जैव विविधता हमारे पर्यावरण और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसे बचाने के लिए सरकार एवं जनता को मिलकर प्रयास करने होंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसमें "प्रोजेक्ट टाइगर", "प्रोजेक्ट एलीफेंट", और "गंगा डॉल्फिन संरक्षण कार्यक्रम" शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं न केवल भारत के वन्यजीवों को बचाने में मदद कर रही हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर जैव विविधता संरक्षण में भारत की भूमिका को भी मजबूत कर रही हैं।
"वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं"
प्रधानमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रकृति संरक्षण अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें।
वन्यजीव संरक्षण में भारत का योगदान
भारत ने बीते वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं:
✔ बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि – भारत में बाघों की संख्या 2010 से अब तक दोगुनी हो चुकी है।
✔ गिर के शेरों की सुरक्षा – गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।
✔ हाथियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान – मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए नए उपाय अपनाए गए हैं।
"सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर बढ़ें"
प्रधानमंत्री ने कहा कि सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) की ओर बढ़ना जरूरी है, जिससे वन्यजीवों का संरक्षण हो और साथ ही मानव जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति भी हो। उन्होंने देशवासियों को यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया कि वे वनों की अंधाधुंध कटाई रोकने, प्लास्टिक प्रदूषण कम करने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में सहयोग देंगे।
"साथ मिलकर बनाएं हरियाली भरा भविष्य"
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में कहा कि यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक समृद्ध और जैव विविधता से भरपूर प्राकृतिक विरासत सौंप सकते हैं। उन्होंने नागरिकों, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों को इस मिशन में योगदान देने के लिए धन्यवाद दिया।
