रतनपुर तहसील के पचरा गांव में गिरदावरी में गड़बड़ी, पटवारी ने बंजर भूमि को कृषि योग्य भूमि बनाकर मंडी में समर्थन मूल्य पर बेचवाया धान
रतनपुर, (3 मार्च 2025) – रतनपुर तहसील के ग्राम पचरा में गिरदावरी (भूमि सर्वेक्षण) में हेरफेर कर बंजर भूमि को कृषि भूमि दर्शाने और उसे धान उत्पादन योग्य घोषित करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पटवारी पर आरोप लगाया है कि उसने सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर बंजर भूमि को कृषि भूमि में बदल दिया और वहां अवैध रूप से धान की फसल उगाकर उसे मंडी में बेचवाया ।
गिरदावरी में गड़बड़ी का आरोप
सूत्रों के अनुसार, पटवारी ने गिरदावरी रिपोर्ट में हेरफेर कर बंजर भूमि को उपजाऊ दर्शा दिया, जिससे जमीन की श्रेणी बदल गई। इसके बाद इस जमीन पर खेती कर धान उगाया गया और उसे मंडी में बेचा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक संगठित भ्रष्टाचार का मामला हो सकता है, जिसमें कुछ अन्य अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है।
ग्रामीणों ने की जांच की मांग
गांव के कई लोगों ने इस गड़बड़ी का विरोध किया है और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से जमीन का उपयोग किया गया, जिससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि भूमि सुधार संबंधी नीतियों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
प्रशासन का रुख
इस मामले को लेकर तहसील प्रशासन से संपर्क किया गया तो अधिकारियों ने कहा कि यदि इस तरह की कोई गड़बड़ी हुई है, तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहता है कानून?
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करना एक दंडनीय अपराध है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी गिरदावरी रिपोर्ट में छेड़छाड़ करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या है मामला ये भी पढ़ें -
(संवाददाता – सुंदर दास मानिकपुरी
(रतनपुर से विशेष रिपोर्ट)
