रायपुर, 21 मार्च,2025/ छत्तीसगढ़ शासन की वर्तमान नीतियों एवं पहलों से छत्तीसगढ़ का डेयरी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इसी कड़ी में दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय (DSVCKV), दुर्ग के अंतर्गत दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर और भारतीय डेयरी संघ (पश्चिम क्षेत्र) संयुक्त रूप से "डेयरी: आजीविका और स्वास्थ्य को बदलने के लिए एक सतत दृष्टिकोण" विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 10-11 अप्रैल, 2025 को डॉ. सी. राजेश्वरी ऑडिटोरियम, श्री सत्य साई सौभाग्यम, अटल नगर, नवा रायपुर में किया जा रहा हैं। यह सम्मेलन ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, नवाचारों को उजागर करने और शिक्षा जगत, उद्योग, किसानों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को सुगम बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
चर्चा के विषयों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, चारा और चारे के संसाधनों का अनुकूलन, स्मार्ट डेयरी खेती, उन्नत उत्पादन तकनीकें, एआई और डिजिटलीकरण, विपणन रणनीतियाँ, सुरक्षा और गुणवत्ता मानक, और उद्योग के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए सतत दृष्टिकोण शामिल होंगे।
भारतीय डेयरी संघ द्वारा दुग्ध उत्पादक किसानों और डेयरी संयंत्रों में विशेष उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, और छात्रों एवं डेयरी संयंत्र अधिकारियों के लिए एक खुली प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर के डेयरी विशेषज्ञों व राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आनंद के अधिकारीयों की भाग लेने की सम्भावना है ।
इस कार्यक्रम में पंजीयन व प्रतिभागिता के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी www.cgkvmis.cg.nic.in व https://indiandairyassociation.org पर उपलब्ध है। ज्ञातव्य हो की भारत, 1998 से वैश्विक दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और विश्व के कुल दुग्ध उत्पादन का 24.41% योगदान देता है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 5% है, फिर भी संगठित क्षेत्र द्वारा केवल 25-30% दूध का संसाधन किया जाता है, जो उद्योग के लिए विशाल संभावनाएँ प्रदान करता है। डेयरी क्षेत्र मुख्य रूप से 2-5 पशु पालने वाले लघु किसानों पर आधारित है, जो 8 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत है और रोजगार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। लगभग ₹10 लाख करोड़ के मूल्य के साथ, दूध भारत की सबसे महत्वपूर्ण कृषि वस्तु बना हुआ है।
उक्त कार्यक्रम के प्रचार पुस्तिका का विमोचन माननीय कुलपति डॉ.आर.आर. बी. सिंह, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय द्वारा किया गया । इस अवसर पर डॉ. संजय शाक्य अधिष्ठाता पशु चिकित्सा महाविद्यालय, डॉ.एम.के. गेंदले, अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय कवर्धा, डॉ.केशब दास अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे । कार्यक्रम समन्वयक एवं अधिष्ठाता, डॉ. सुधीर उपरित द्वारा बताया गया की इस सम्मलेन में प्रमुख वक्ता के रूप में श्री आर. एस. सोढ़ी, अध्यक्ष इंडियन डेयरी एसोसिएशन, श्री मिनेश शाह, अध्यक्ष राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आनंद आमंत्रित है । सम्मलेन में किसानो हेतु संगोष्ठी एवं तकनीकी सत्र भी रखा गया है जिसमे पशु पालन एवं दुग्ध प्रसंस्करण से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के वक्तायों को आमंत्रित किया गया है । सम्मलेन के दौरान छात्र-छात्रायों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी रखी गयी है जिसके विजेतायों को आकर्षक पुरस्कार दिया जाएगा।
